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पाकिस्‍तानी चिकित्‍सकों की डिग्री पर मुस्लिम देशों में उठे सवाल, प्रैक्टिस पर लगी रोक

प्रैक्टिस करने पर रोक के साथ ही देश छोड़ने के आदेश

लखनऊ/नई दिल्ली। पाकिस्तान से मेडिकल की पढ़ाई करके विदेशों में प्रैक्टिस या नौकरी कर रहे चिकित्‍सकों को झटका लगा है। इन डॉक्टरों की मेडिकल डिग्री पर सवाल उठ खड़े हुए हैं और आलम यह है कि  सऊदी अरब सहित कई अन्य मुस्लिम देशों में प्रैक्टिस कर रहे पाकिस्‍तानी चिकित्‍सकों को इन देशों ने प्रैक्टिस करने से मना कर दिया गया है। इसके साथ ही इन्‍हें देश छोड़ने का भी आदेश दे दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पाकिस्तानी डॉक्टरों की एमडी और एमएस की डिग्री में खामियां बताते हुए उनको प्रेक्टिस करने पर रोक लगा दी है यही नहीं इन डॉक्टरों को देश छोड़ने का भी आदेश दिया गया है बताया जाता है कि सऊदी सरकार के इस फैसले को देखते हुए बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात ने भी अपने देश में पाकिस्तान के इन डॉक्टरों पर रोक लगा दी है उनसे कहा गया है कि वह या तो अपने आप ही देश छोड़ दें वरना उनको निकाल दिया जाएगा।

आपको बता दें कि इन देशों में भारत के साथ ही बांग्लादेश, मिस्र और सूडान की मेडिकल डिग्रियों को वैध माना गया है और उन्हें प्रैक्टिस करने की पूरी आजादी है। सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तानी मेडिकल डिग्री में स्ट्रक्चर्ड ट्रेनिंग प्रोग्राम की कमी है, इस कारण यह कदम उठाया गया है। इन चिकित्‍सकों को नोटिस देते हुए कहा गया है कि यहां के नियम कानून के अनुसार आपकी डिग्री मान्य नहीं है। खुद पाकिस्तान के समाचार पत्र डॉन में यह खबर छपी है जिसमें डॉक्टरों को बर्खास्तगी का नोटिस दिया गया है। हालांकि पाकिस्तान ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह हमारे काबिल डॉक्टरों का अपमान है और उनके खिलाफ आरोप मनगढ़ंत हैं।