फील्‍ड में जाने वाली महिला स्‍वास्‍थ्‍य कर्मी को दें संक्रमण से बचने के लिए पर्याप्‍त सुरक्षा

-कर्मियों के साथ ही मातृ-शिशु को भी संक्रमण से बचाना जरूरी

-कार्य क्षेत्र में जाने के लिए साधन भी उपलब्‍ध कराने की मांग

-राज्‍य कर्मचारी संयुक्‍त परिषद ने लिखा प्रमुख सचिव को पत्र

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सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मातृ एवं शिशु योजनाओं में कार्य कर रही महिला कर्मचारियों के लिए कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए आवश्‍यक सुरक्षा किट देने तथा लॉकडाउन के पीरियड में सार्वजनिक वाहनों के अभाव में उनके कार्यक्षेत्र में जाने के लिए वाहन मुहैया कराने की मांग की है।

परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को पत्र लिखकर इस बारे में अनुरोध किया है । पत्र में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 20 अप्रैल 2020 को जारी पत्र के क्रम में जनपदों में मातृ शिशु कल्याण, स्वास्थ्य एवं टीकाकरण संबंधी सेवाएं जैसे प्रसव पूर्व देखभाल,  गृह आधारित नवजात की देखभाल,  टीकाकरण,  उच्च जोखिम गर्भवती की जांच एवं परिवार कल्याण संबंधी सेवाएं प्रारंभ किए जाने के चलते ड्यूटी करने वाली महिला कर्मचारियों की कोविड-19 से सुरक्षा उनके लिए तथा जनता के हित में आवश्‍यक है। इसके लिए पर्याप्त व्यक्तिगत सुरक्षा जैसे पीपीई किट, ग्लव्स, मास्क, सैनिटाइजर, हेड कैप, फेस शिल्ड आदि दिए जायें।

इसके अतिरिक्‍त वर्तमान में लॉकडाउन  के चलते यात्री वाहन नही चल रहे हैं,  कई महिला कर्मचारियों के सामने यह समस्या भी आ रही है कि वे अपने कार्यक्षेत्र (फील्ड) में कैसे जा कर कार्य सम्पादित करें तो उनके लिए साधन उपलब्ध कराया जाए और जिनके पास साधन है तो उन्हें पास जारी करने की मांग की है।

पत्र में महामंत्री ने कहा है कि स्वास्थ्य कर्मचारी जनता की सेवा में तत्पर है, लेकिन गांव-गांव जाने पर कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए उनकी सुरक्षा आवश्यक है, साथ ही पर्याप्त मात्रा में सैनिटाइजर आदि सामग्री भी उपलब्ध होनी चाहिए, जिससे गर्भवती महिलाओं बच्चों तथा उनके परिवार के लोगों को भी कोरोना का संक्रमण से बचाया जा सके।

परिषद के उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश बेसिक हेल्थ वर्कर एसोसिएशन के अध्यक्ष धनंजय तिवारी एवं प्रमुख उपाध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि बच्चों के टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल एवं परिवार कल्याण संबंधी अन्य कार्यों के समय चिकित्सा कर्मियों को उनके करीब जाना होगा, साथ ही महिलाओं एवं बच्चों को छूना भी पड़ेगा एवं जिन उपकरणों का प्रयोग उनकी देखभाल टीकाकरण आदि में प्रयोग किया जाना है, उन्हें भी सुरक्षित रखना आवश्यक है, इसलिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पास पर्याप्त सुरक्षा सामग्री आवश्यक एवं समीचीन है।