मौजूदा समय में कोरोना संक्रमण से बचाव की तरकीबें सीखना ही कारगर उपाय

-केजीएमयू में यूट्यूब पर 3.30 घंटे चला लाइव प्रशिक्षण कार्यक्रम

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। वैश्विक महामारी कोरोना से पूरा विश्‍व परेशान है, इसकी दवा अभी तक नहीं बन सकी है, कोरोना से निपटने में अभी तक जो सबसे कारगर उपाय है वह है इसके संक्रमण से बचाव करना, इसके लिए बचाव के तरीकों को सीखने के लिए ट्रेनिंग अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण है। इस महत्ता को और जिम्मेदारी समझते हुये, केजीएमयू, नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन एवं इंडियन डेंटल एसोसिएशन के सहयोग से पूरे देश में कोविड-19 बचाव प्रशिक्षण का डिजि‍टल कार्यक्रम संचालित कर रहा है। यह बात सोमवार को कुलपति प्रो.एमएलबी भटट् ने  ब्राउन हाल में कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुये कही।

कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं डीन इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइसेंस के डॉ.विनोद जैन ने बताया कि कार्यक्रम में कोविड-19 से बचाव के हर एक पहलू को बताया जाता है, जिन्हें लोग आम दिनचर्या या इलाज के दौरान नजरअंदाज करता है। यही वजह है कि यह प्रशिक्षण चिकित्सकों के साथ ही पैरामेडिकल्स स्टाफ और आमजनमानस के लिए भी जरूरी है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम का केजीएमयू के यूट्यूब चैनल के माध्यम से 03 घंटे 30 मिनट तक सजीव प्रसारण किया गया जिसमें लगभग 10 हजारों लोगों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया।

कार्यक्रम में नेशनल मेडिकल ऑर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर योगेंद्र मलिक ने भी हरियाणा से ऑनलाइन माध्यम से सभा को संबोधित किया। एन0एम0ओ0 की अयोध्या इकाई की प्रभारी डॉक्टर अलका रानी ने बताया कि उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में कोरोना संक्रमण से संबंधित सामान्य जानकारी के अतिरिक्त अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के तरीके, संक्रमण से बचने एवं अन्य को बचाने के तरीके,  संदिग्ध कोरोना संक्रमण मरीज के नमूने लेने एवं उन्हें सुरक्षित भेजने के तरीके,  हाथों को स्वच्छ रखना,  मास्क का सुरक्षित ढंग से प्रयोग करना, पी0पी0ई0 किट को सुरक्षित तरीके से पहनना एवं उतारना, सकारात्मक सोच रखना, कोरोना संक्रमित रोगी की मृत्यु उपरांत उसके शरीर का निस्तारण करना, बायो वेस्ट मैनेजमेंट प्रबंधन तथा आईसोलेशन एवं क्वारंटाइन की अवधारणा के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी है। यह जानकारी व्याख्यान, वीडियो एवं प्रयोगात्मक प्रशिक्षण के रूप में प्रदान की गई।

नेशनल मेडिकल ऑर्गेनाइजेशन अवध प्रांत के सचिव डॉ भूपेंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना जैसी आपदा के समय नेशनल मेडिकल ऑर्गेनाइजेशन ने लगभग 40,000 फूड पैकेट्स का वितरण किया है और लगभग 7000 से ज्यादा मरीजों को टेलीमेडिसिन के माध्यम से सेवाएं दी हैं।

इस अवसर पर अधिष्ठाता, दंत संकाय, डॉ अनिल चंद्रा ने बताया कि उक्त प्रशिक्षण ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से दिया जा रहा है जो चिकित्सक एवं आमजन विश्वविद्यालय नहीं आ सकते हैं उनके लिए ऑनलाइन का माध्यम है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इंडियन डेंटल काउंसिल के दिशा-निर्देश के तहत एक टास्क फोर्स भी तैयार की गई है जो आवश्यकता पड़ने पर कोरोना संक्रमित मरीजों की सहायता करेगी। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ0कपिल देव शर्मा, डॉक्टर विभा सिंह, डॉक्टर नीरज मिश्रा और डॉक्टर कौशल अग्रवाल इत्यादि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।