Thursday , November 11 2021

जीवन का पासवर्ड

जीवन जीने की कला सिखाती कहानी – 80 

डॉ भूपेंद्र सिंह
डॉ भूपेन्‍द्र सिंह

प्रेरणादायक प्रसंग/कहानियों का इतिहास बहुत पुराना है, अच्‍छे विचारों को जेहन में गहरे से उतारने की कला के रूप में इन कहानियों की बड़ी भूमिका है। बचपन में दादा-दादी व अन्‍य बुजुर्ग बच्‍चों को कहानी-कहानी में ही जीवन जीने का ऐसा सलीका बता देते थे, जो बड़े होने पर भी आपको प्रेरणा देता रहता है। किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय (केजीएमयू) के वृद्धावस्‍था मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ भूपेन्‍द्र सिंह के माध्‍यम से ‘सेहत टाइम्‍स’ अपने पाठकों तक मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य में सहायक ऐसे प्रसंग/कहानियां पहुंचाने का प्रयास कर रहा है…

प्रस्‍तुत है 80वीं कहानी – जीवन का पासवर्ड

वह मेरे आफिस के दिन की एक साधारण शुरुआत थी ,जब मैं अपने आफिस के कंप्यूटर के सामने बैठा था।

 “आपके पासवर्ड का समय समाप्त हो गया है,” इन निर्देशों के साथ मेरे कंप्यूटर की स्क्रीन पर एक संदेश प्राप्त हुआ। हमें अपनी कंपनी में हर महीने कंप्यूटर का पासवर्ड बदलना पड़ता है।

मैं अपने हालिया ब्रेकअप के बाद बहुत उदास था। उसने मेरे साथ जो किया, उस पर मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था और मैं दिन भर यही सोचता रहता था।

मुझे एक युक्ति याद आई, जो मैंने अपने पूर्व बॉस से सुनी थी।  उन्होंने कहा था, “मैं पासवर्ड का उपयोग अपने जीवन की सोच को बदलने के लिए करता हूँ।”

मैं अपनी वर्तमान मनस्थिति में काम पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहा था। पासवर्ड बदलने के विचार ने मुझे याद दिलाया कि मुझे अपने हाल के ब्रेकअप के कारण हुए हालात का शिकार नहीं होना चाहिए और मैंने इसके बारे में कुछ करने का निर्णय लिया।

मैंने अपना पासवर्ड बनाया – Forgive@her (उसे@माफ कर दो)। मुझे यह पासवर्ड हर दिन कई बार टाइप करना पड़ता था, जब-जब मेरा कंप्यूटर लॉक हो जाता था। हर बार जब मैं दोपहर के भोजन से वापस आता तो मुझे लिखना होता ‘उसे@माफ कर दो’।

उस सरल क्रिया ने मेरी पूर्व प्रेमिका के बारे में मेरे नजरिये को बदल दिया। सुलह के उस निरंतर स्मरण ने मुझे परिस्थिति को स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया और मुझे अपने depression (अवसाद) से बाहर आने में मदद की।

अगले महीने सर्वर ने जब मुझे अपना पासवर्ड बदलने की चेतावनी दी, तब तक मैं बहुत हल्का महसूस कर रहा था। एक छोटे से प्रयास का ऐसा चमत्कारी परिणाम पाकर मैं अचम्भित रह गया था और मैंने इस प्रयोग को जारी रखने का निर्णय लिया।

अगली बार जब मुझे अपना पासवर्ड बदलना पड़ा तो, मैंने अगले काम के बारे में सोचा जो मुझे करना है।  मेरा पासवर्ड Quit@smoking4ever(धूम्रपान@हमेशा के लिए छोड़ दो) बन गया। इसने मुझे अपने धूम्रपान छोड़ने के लक्ष्य का पालन करने के लिए प्रेरित किया और मैं धूम्रपान छोड़ने में सफल हुआ।

एक महीने बाद, मेरा पासवर्ड save4trip@europe (बचत@यूरोप भ्रमण) बन गया और तीन महीने में मैं यूरोप जाने में सक्षम हो गया।

पासवर्ड बदलने के उस संदेश ने मुझे अपने लक्ष्यों को पूरा करने में मदद की और मुझे प्रेरित और उत्साहित बनाये रखा। कभी-कभी अपना अगला लक्ष्य निर्धारित करना भी मुश्किल होता है, पर इस छोटी सी आदत को बनाए रखने से ये आसान हो गया।

कुछ महीनों के बाद, मेरा पासवर्ड था   lifeis#beautiful !!! (ज़िन्दगी# खूबसूरत है !!!) और मेरी जिंदगी फिर से बदलने लगी।

कहानी का सार यह है कि…आत्मसंवाद महत्वपूर्ण है। जब हम अपने आप से प्रतिबद्ध होते हैं, तो हमें सही दिशा में सोचने की शक्ति मिलती है और हम वास्तविक परिणाम प्राप्त करते हैं।

“हम अपने रोज़मर्रा के विचारों से अपना भाग्य बनाते हैं – हमारी इच्छाएं, जो हमें आकर्षित और विकर्षित करती हैं और हमारी पसंद-नापसंद बनती हैं।”

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