केजीएमयू की ओपीडी में अब और ज्‍यादा मरीज देखे जा सकेंगे

-जनरल विभाग में 150 व सुपर स्‍पेशियलिटी विभाग में 75 मरीज देखेंगे डॉक्‍टर

-कोविड काल के बाद शुरू हुई ओपीडी में सीमित संख्‍या में देखे जा रहे हैं मरीज

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के गांधी मेमोरियल एवं एसोसिएट हॉस्पिटल में कोरोना के कारण ओपीडी में देखे जाने वाले मरीजों की सीमित की गई संख्या को बढ़ाने का फैसला किया है। इसे तत्‍काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो एसएन संखवार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि बीती 13 अक्टूबर को जारी आदेशों के क्रम में कुलपति द्वारा मरीजों के हित को देखते हुए ओपीडी में आने वाले मरीजों की इसी में संख्या को और बढ़ाने का फैसला किया है इसके तहत अब सुपर स्पेशलिटी डिपार्टमेंट में रोज 75 मरीज देखें जा सकेंगे जबकि मेडिसिन विभाग जनरल सर्जरी विभाग और स्त्री एवं प्रसूति विभाग में 150 मरीज रोज ओपीडी में देखे जाएंगे इसके लिए केजीएमयू के ई हॉस्पिटल में पहले रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया पूर्व की भांति जारी रहेगी साथी शेष दूसरी शर्तें भी जारी रहेंगी।

आपको बता दें कि कोरोना काल में बंद हुई ओपीडी की सेवाओं को नयी गाइडलाइंस जारी करते हुए 19 अक्‍टूबर को पुन: शुरू किया गया था। इसी क्रम में सिर्फ मरीजों की संख्‍या बढ़ाते हुए शेष औपचारिकतायें वही लागू रखी गयी हैं। इन शर्तों के तहत ओपीडी का समय प्रातः 9 बजे से अपरान्‍ह 2 बजे तक होगा। इसके अलावा ओपीडी में दिखाने के लिए पूर्व में ही फोन पर या इंटरनेट के माध्यम से रजिस्‍ट्रेशन करवाना अनिवार्य है इस रजिस्ट्रेशन के समय ही ओपीडी में पहुंचने का समय दिया जाएगा उसी समय मरीज को ओपीडी में आना है।

ऑनलाइन अपॉइंटमेंट के लिए इंटरनेट पर www.ors.gov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा, अथवा फोन नंबर 0522 225 8880 पर अपॉइन्‍टमेंट लेना होगा। इसके अलावा मरीज को देखने के लिए जो समय निर्धारित किया जाएगा उसके लिए सबूत के तौर पर प्रिंटेड कॉपी या कन्‍फर्मेशन मैसेज दिखाना अनिवार्य होगा। मरीज और उनके अटेंडेंट को बिना मास्क अंदर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एक मरीज के साथ एक अटेंडेंट को आने की अनुमति रहेगी अगर उन दोनों के पास आरटीपीसीआर से टेस्ट किए 3 दिन के अंदर की कोविड जांच रिपोर्ट होगी तो उन्हें दिखाने में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा जिन मरीजों के पास हाल की आरटीपीसीआर रिपोर्ट नहीं होगी उनकी स्‍क्रीनिंग की जायेगी, उसके बाद ही दिखाने की अनुमति दी जायेगी।