Friday , November 12 2021

सीडीआरआई ने देशी पालक से तैयार की गठिया की दवा, बाजार के साथ ऑनलाइन भी मिलेगी

नहीं होगा कोई साइड इफेक्ट, कम मात्रा में भी यह दवा बेहद प्रभावशाली

लखनऊ। वनस्पतियों में कितना दम है यह एक बार फिर सिद्ध हुआ है। सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टिट्यूट (सीडीआरआई) ने देसी पालक से दवा तैयार की है। यह दवा ऑस्टियोआर्थराइटिस (गठिया) में कारगर होगी।

सीडीआरआई के निदेशक, प्रफेसर आलोक धावन ने बताया कि देशी पालक से यह दवा तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि ऑस्टियो आर्थराइटिस से बचाव एवं कार्टिलेज (उपास्थि) के लक्षण की रोकथाम के लिए स्पीनेशिया ऑलेरेसी (देसी पालक) की पहचान कर एक नैनो फॉर्म्युलेशन तैयार किया है। इसके कोई साइड इफ़ेक्ट्स नहीं हैं। उन्होंने बताया कि नैनो फॉर्म्युलेशन की वजह से कम मात्रा में भी यह दवा बेहद प्रभावशाली है।

डॉ धावन ने बताया कि यह फॉर्म्युला फार्मान्जा हर्बल प्राइवेट लिमिटेड को 31 जुलाई 2017 को दिया था। जिसकी मार्केटिंग उसकी सहयोगी कंपनी एरन लैब (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड करेगी।

सीडीआरआई के निदेशक आलोक धावन ने बताया कि ऑस्टियोआर्थराइटिस एक ऐसी बीमारी है जो जोड़ों के मूवमेंट को प्रभावित करती है। जिसमें जोड़ों के उपर की चिकनी सतह क्षतिग्रस्त हो जाती हैं जो मुख्य रूप से कार्टिलेज (उपास्थि) की बनी होती हैं, जिसकी वजह से जोड़ों का मूवमेंट या हिलना डुलना काफी कष्ट दायक होता है। यह मुख्य रूप से वजन-सहने वाले जोड़ों को प्रभावित करता है जैसे कि कूल्हों और घुटनों के जोड़ और शारीरिक विकलांगता का कारण बनता है। पुरुष और महिला दोनों में ही ऑस्टियो आर्थराइटिस की दिक्कत हो सकती है। वर्तमान में बाजार में ऐसी दवाएं नहीं हैं जो खासकर ऑस्टियो आर्थराइटिस से पूरी तरह राहत दे सके। जो दवाएं हैं भी वह लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

सीडीआरआई ने फार्मान्जा हर्बल प्राइवेट लिमिटेड को दवा का फॉर्म्युला सौंपा है। फार्मान्जा अपने मार्केटिंग पार्टनर ऐरन लैब (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के साथ इसे ‘जोइण्ट फ्रेश’ के नाम से बाज़ार में उतारेगी। इसे मेडिकल स्टोर्स के साथ www.longlivelives.com से भी खरीदी जा सकेगी।

सीडीआरआई की वैज्ञानिक डॉ. रितु त्रिवेदी, डॉ. प्रभात रंजन मिश्रा, डॉ. राकेश मौर्य, डॉ. एसके रथ, डॉ. ब्रिजेश कुमार एवं डॉ. पी.के. शुक्ला ने लंबे वक्त से रिसर्च कर ऑस्टियो आर्थराइटिस की यह दवा तैयार की है। सीडीआरआई के शोध छात्र धर्मेंद्र चौधरी, प्रियंका कोठारी, आशीष त्रिपाठी, सुधीर, नरेश मित्तापेल्ली,कपिल देव, गीतु पांडे,नसीर अहमद एवं सुलेखा अधिकारी ने भी इसमें मदद की। दवा की लॉन्चिंग पर एरन लैब (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक डॉ संजीव अग्रवाल और शोधकर्ताओं की टीम मौजूद रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

10 − six =

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.