आशा के लिए सरकार ने इस तरह जगायी है इनाम की हकदार बनने की आशा

उच्च जोखिम युक्त गर्भवती के कुशल प्रबंधन के लिए शुरू की गयी है योजना 

फाइल फोटो

लखनऊ।  गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान को सामुदायिक स्तर पर क्रियान्वित कराने में आशा एवं एएनएम की अहम भूमिका होती है। आशा एवं एएनएम के इस योगदान को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक जनपद से नामित उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली आशा एवं एएनएम को सम्मानित किया जाएगा। यह अवार्ड प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत राज्यस्तरीय सम्मान समारोह में दिया जाएगा।

 

 

मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (उत्तर प्रदेश) के मिशन निदेशक पंकज कुमार द्वारा प्रदेश के सभी जिलों को जारी पत्र में कहा गया है कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत उच्च जोख़िम वाली गर्भवती महिलाओं के चिन्हीकरण, लाइन लिस्टिंग, फॉलोअप तथा संस्थागत प्रसव के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली आशा एवं एएनएम को सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए हर जनपद से अप्रैल 2017 से मार्च 2018 एवं अप्रैल 2018 से सितंबर 2018 तक के बीच एएनएम के द्वारा उपकेंद्रवार चिन्हित किए गए कुल उच्च जोख़िम युक्त गर्भवती महिलाओं की संख्या एवं आशा द्वारा इसी समय अंतराल में उच्च जोख़िम युक्त महिलाओं के किए गए फॉलोअप की कुल संख्या का विवरण माँगा गया है। इसी विवरण के आधार पर अवार्ड के लिए आशा एवं एएनएम का चयन किया जाएगा।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान : इसके तहत हर माह की नौ तारीख को गर्भवती महिलाओं को व्यापक और गुणवत्तायुक्त प्रसव पूर्व देखभाल प्रदान करना सुनिश्चित किया जाता है। विशेषकर उच्च जोख़िम युक्त गर्भधारण की प्रमुख जटिलताएं हैं- गंभीर एनिमिक होना, वज़न का काफी कम होना एवं अन्य संबंधित जटिलताएं जो प्रसव के दौरान जच्चा एवं बच्चा के लिए ख़तरनाक साबित हो सकती हैं। इस अभियान की प्रमुख विशेषता है कि प्रसव पूर्व जाँच आधुनिक जाँच मशीन एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की देख-रेख में होती हैं। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों के अलावा कुछ निजी अस्पतालों में भी यह सुविधा निःशुल्क प्रदान की जाती है।

 

आशा एवं एएनएम की भूमिका : इस अभियान को सामुदायिक स्तर पर क्रियाशील एवं प्रभावी बनाने में आशा एवं एएनएम की अहम भूमिका होती है। एएनएम सामुदायिक स्तर पर उच्च जोख़िम युक्त गर्भवती महिलाओं को चिन्हित करती है एवं उसे नजदीकी सामुदायिक केंद्र पर माह की नौ तारीख को संदर्भित करती है। आशा इन महिलाओं के नियमित फॉलोअप एवं संदर्भन में सहयोग करती है।