मुस्लिम महिला ने अपने नवजात का नाम रखा नरेन्‍द्र दामोदर दास मोदी

उत्‍तर प्रदेश के गोंडा का मामला, ससुर और पति को मनाने में हुई कामयाब

मोदी सरकार की कल्‍याणकारी योजनाओं की मुरीद है यह मुस्लिम महिला

 

लखनऊ। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह करिश्मा ही है कि उनके विचार, उनके काम का जादू अब आम जनों में भी सिर चढ़कर बोल लिया है सबका साथ सबका विकास के साथ सबका विश्वास का नया नारा देने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 5 सालों में अपने कार्यों, जिनमें तीन तलाक पर फैसला भी शामिल है, से मुस्लिमों खासकर मुस्लिम महिलाओं में भी लोकप्रियता बटोरी है। इसका असर तब दिखायी दिया जब उत्तर प्रदेश के गोंडा में एक मुस्लिम महिला ने अपने नवजात शिशु का नाम नरेंद्र दामोदरदास मोदी रखने की न सिर्फ इच्‍छा व्‍यक्‍त की बल्कि अपने ससुर व पति को भी राजी करने में कामयाबी हासिल की। परिवारी जनों ने बच्चे के नाम के पंजीकरण के लिए हलफनामा दायर किया है।

 

 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गोंडा के परसापुर मेहरौर गांव की रहने वाली मेनाज बेगम ने एक बेटे को जन्‍म दिया। बीती 23 मई को जब चुनाव परिणाम आ रहे थे उसी समय उसके बच्‍चे का नाम रखने पर चर्चा हो रही थी, मोदी की प्रचंड जीत के परिणाम टीवी पर आते जा रहे थे, इसी दौरान मोदी के कार्यों व विचारों से प्रभावित मेनाज बेगम के दिमाग में यह आइडिया आया कि बच्‍चे का नाम नरेन्‍द्र दामोदरदास मोदी रखा जाये। महिला के ससुर इदरीस ने बताया कि उन लोगों ने उनकी बहू को समझाने की बहुत कोशिश की परंतु वह नरेंद्र दामोदरदास मोदी नाम रखने पर अड़ी रही।

 

महिला का पति मुश्‍ताक अहमद दुबई में काम करता है जब उसको यह पता चला तो उसने भी अपनी पत्नी को समझाने की कोशिश की कि वह अपना यह विचार त्याग दे, लेकिन पत्नी इसके लिए तैयार नहीं हुई। अंततः उसे अपनी पत्नी की इच्छा पूरी करने के लिए राजी होना पड़ा।

 

खबरों में कहा गया है इसके बाद परिवार ने शिशु का नाम नरेन्‍द्र दामोदरदास मोदी पंजीकरण कराने के लिए जिलाधिकारी को संबोधित एक हलफनामा सहायक विकास अधिकारी पंचायत घनश्याम पांडे के पास जमा किया इस बात की पुष्टि घनश्याम पांडे ने भी की है। पांडे का कहना है कि शुक्रवार को उन्हें इस तरह का हलफनामा प्राप्त हुआ है उन्होंने बताया कि उन्‍होंने आवेदन को ग्राम पंचायत सचिव, जो कि जन्म और मृत्यु का पंजीकरण का कार्य देखते हैं, को अग्रसारित कर दिया गया है। कानून के अनुसार इसमें कार्रवाई की जाएगी

 

मेनाज बेगम ने अपने हलफनामे में मोदी और उनकी सरकार की उन कल्याणकारी योजनाओं की प्रशंसा की है, जिसमें गरीबों को मुफ्त गैस कनेक्शन और शौचालय निर्माण के लिए वित्तीय मदद तथा तीन तलाक को समाप्त करने की पहल शामिल है। ससुर इदरीस ने कहा कि बच्चे का नाम रखना परिवार का निजी मामला है और इसमें किसी को भी हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।