केजीएमयू के अंदर निजी कम्पनी से एमआरआई, सीटी स्कैन का विरोध

केजीएमयू शिक्षक संघ ने पीओसीटी को हटाने की सीएम से की मांग

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय केजीएमयू शिक्षक संघ ने परिसर के अंदर पैथोलॉजिकल जांच करने वाली निजी कंपनी पीओसीटी का विरोध शुरू कर दिया है। संघ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि पर्याप्त बजट उपलब्ध कराये ताकि संस्थान द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों के निर्देशन में मरीजों को सस्ते दर पर सीटी स्कैन, एमआरआई व अन्य जांचों की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
शिक्षक संघ के महासचिव डॉ.संतोष कुमार ने बताया कि संघ पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संस्थान के अंदर चिकित्सकीय सेवाओं की यथास्थिति से अवगत कराया है। साथ ही उन्हें बताया कि केजीएमयू परिसर में निजी कंपनी पीओसीटी, पैथोलॉजी का व्यवसाय कर रही है। जबकि उक्त व्यवस्था को प्रधान महालेखाकार की 8 फरवरी 2016 की रिपोर्ट में अनुचित ठहराया जा चुका है। पैथोलॉजिकल जांचें निजी हाथों में होने की वजह से तमाम गरीब व जरूरतमंदों संवेदनापूर्ण सेवाएं नहीं मिल पाती हैं। इतना ही नहीं छह माह के पंजीकरण के लिए मरीजों से 50 रूपये जमा कराये जाते है, जिससे मरीजों को कोई लाभ नहीं है। उन्होंने बताया कि संघ ने सीएम से बजट की मांग की है ताकि संस्थान प्रशासन खुद ही परिसर में सीटी, एमआरआई, एक्स-रे, अल्ट्रासाउण्ड, फार्मेसी आदि की सुविधाएं संचालित करें।