पूर्वजों की स्मृति में ज्ञान यज्ञ श्रेष्ठ कार्य : राम मुरारी गुप्ता

गायत्री ज्ञान मंदिर ने वांग्मय साहित्य अभियान की 290वीं कड़ी की स्थापना सूर्या पब्लिक स्कूल में की    

लखनऊ. गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत  सूर्या पब्लिक स्कूल सुलतानपुर रोड लखनऊ उ0प्र0 के केन्द्रीय पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं0 श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 78 खण्ड वांड़मय साहित्य की स्थापना की गयी। यह वाङ्मय साहित्य कविता महेन्द्रा ने अपने स्व0 पिता बृज भूषण अरोडा की स्मृति में संस्थान के पुस्तकालय को भेंट किया। साथ-साथ सभी उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को भी एक-एक ‘‘सफल जीवन की दिशा धारा’’ नामक पुस्तक तथा शिक्षक-शिक्षकाओं को भी युग निर्माण योजना पत्रिका भेंट की गयी।

 

इस अवसर पर गायत्री तपोभूमि के वरिष्ठ प्रतिनिधि राम मुरारी गुप्ता ने ऋषि संदेश देते हुए कहा कि अपने पूर्वजों की स्मृति में ज्ञान यज्ञ सर्वश्रेष्ठ कार्य है। सभी जीवन जागृत आत्मा को इस कार्य में बढ़चढ़ कर भाग लेना चाहिए।

 

इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना के अभियान में लगे हुए मुख्य संयोजक उमानन्द शर्मा ने बताया कि वांग्मय स्थापना अभियान की श्रृंखला की यह 290वीं कड़ी है. उन्होंने वांग्मय सहित्य के महत्त्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर उदय भान सिंह भदौरिया, अनिल भटनागर, उमानंद शर्मा, संस्थान की प्रधानाचार्या प्रीती त्रिवेदी सहित शिक्षक/शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्रायें मौजूद रहे.