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जानिये, अभियान में किन लोगों को नहीं खानी है फाइलेरिया की दवा

-17 फरवरी से 29 फरवरी तक चलेगा फाइलेरिया उन्‍मूलन अभियान

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत चलने वाले मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम की शुरुआत जिले में 17 फरवरी से हो रही है, जो कि 29 फरवरी तक चलेगा। इस अभियान के तहत 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गम्भीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्तियों को छोड़कर सभी को दवा खिलायी जायेगी।

इस सम्बन्ध में शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय में मुख्य विकास अधिकारी मनीश बंसल की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक का आयोजन हुआ। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मनीश बंसल ने बताया कि लखनऊ सहित यह अभियान 31 जिलों में चल रहा है। जिले में इस अभियान के तहत लगभग 52 लाख की जनसंख्या को आच्छादित करने का लक्ष्य है। जिले में 71 इकाइयों के माध्यम से दवा खिलाई जाएगी।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी(सीएमओ) डॉ. नरेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि विभिन्न जिलों में माइक्रोफाइलेरिया स्वस्थ दिखने वाले लोगों में 9 से लेकर 26 प्रतिशत तक पाया गया है जो कि 8 से 10 साल बाद हाथीपांव एवं हाईड्रोसील के रूप में प्रकट होता है। इस रोग का संक्रमण अधिकतर स्कूल जाने वाली आयु में होता है। फाइलेरिया के कीटाणु मनुष्य के तंत्रिका तंत्र को अस्थायी क्षति पहुंचाते हैं। इससे व्यक्ति में काम करने व भागने-दौड़ने की क्षमता कम हो जाती है साथ ही व्यक्ति सामाजिक रूप से अलग थलग पड़ जाता है।

सीएमओ ने बताया कि इस अभियान में ब्लड सर्वेक्षण हो रहा है। यह अभियान स्वास्‍थ्‍य, पंचायती, शिक्षा, समाज कल्याण, आईसीडीएस, नगर विकास एवं सूचना विभाग के सहयोग से चलाया जायेगा। सुपरवाइजर को ब्लॉक स्तर पर सांयकालीन बैठक में भाग लेना अनिवार्य होगा और सभी टीमों की रिपोर्ट संकलित करनी है। सुपरवाइजर की सायंकालीन समीक्षा बैठक में उपस्थिति की संख्या प्रतिदिन जिले स्तर पर जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) द्वारा कम्पाइल कर अगले दिन राज्य स्तर को भेजे जाने वाली रिपोर्ट के साथ भेजा जाना अनिवार्य है।

राष्ट्रीय वेक्टर जनित नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल व् अपर मुख्य चिकित्सधिकारी डॉ. के.पी.त्रिपाठी ने बताया कि स्वास्थय कार्यकर्ता आशा या ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर को अपने सामने ही दवा खिलानी है। किसी भी स्थिति में दवा घर में रखकर नहीं आना है। जिले में 8 जगहों पर स्लाइड बनायीं जाएगी और प्रत्येक जगह पर 500 स्लाइड बनायी जायेंगी। इस अवसर पर सहयोगी विभागों, विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा स्वयं सेवी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

फाइलेरिया के लक्षण

फाइलेरिया के लक्षण-पेशाब में सफेद रंग के द्रव का जाना जिसे कईलूरिया भी कहते हैं फाइलेरिया का ही एक लक्षण हैं। इसके अलावा पैरों व हाथों में सूजन (हाथी पांव), पुरुषों में हाइड्रोसील (अंडकोश में सूजन) और महिलाओं में ब्रेस्ट में सूजन।