Friday , October 22 2021

केजीएमयू के प्रोफेसर पर समाज में वैमनस्‍यता फैलाने का आरोप, एफआईआर, प्रोफेसर ने कहा-मेरे खिलाफ साजिश

इलाहाबाद में विश्‍व हिंदू परिषद के नेता ने दर्ज करायी है थाने में रिपोर्ट

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍व विद्यालय के पल्‍मोनरी विभाग के प्रोफेसर संतोष कुमार के खिलाफ हिन्‍दू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्‍पणी, राष्‍ट्रपति के अपमान की झूठी खबर, प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक टिप्‍पणियों के आरोप लगाते हुए इलाहाबाद में एफआईआर दर्ज करायी गयी है। एफआईआर प्रयागराज के सराय इनायत थाने में आईपीसी की धारी 295ए, 66 (आईटी एक्‍ट), 67 (आईटी एक्‍ट) के तहत दर्ज की गयी है। दूसरी ओर आरोपी प्रोफेसर संतोष कुमार ने एफआईआर में लगाये गये आरोपों पर कहा है कि यह एक साजिश के तहत किया गया है, मेरी मंशा किसी भी वर्ग की भावनाओं को भड़काना नहीं था, जो बातें मैंने फेसबुक पर लिखी हैं वह किसी न किसी संदर्भ में लिखी हैं और इंटरनेट पर पहले से हैं।

मिली जानकारी के अनुसार इलाहाबाद के लीलापुर निवासी विश्व हिन्दू परिषद के नेता चंद्रिका प्रसाद शुक्ल ने पुलिस को दी शिकायत मे कहा है कि फेसबुक पर डॉ संतोष कुमार के नाम से बनी एक आईडी के जरिये प्रधानमंत्री के खिलाफ लगातार अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणिया कि जा रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी के बारे मे झूठी खबरें फैलाकर उनको बदनाम करने कि कोशिश हो रही है, इसी आईडी से राष्ट्रपति के अपमान की भी भ्रामक खबर फैलायी गयी है।

 

तहरीर के अनुसार आरोप लगाया गया है कि डॉ संतोष कुमार द्वारा हिन्दू धर्म, देवी देवताओं के बारे मे भी अभद्र, अनर्गल और अश्लील बातें प्रसारित की जा रही हैं। शिकायतकर्ता ने कहा है कि केजीएमसी एल्‍यूमिनाई और केजी एल्‍यूमिनाई नाम से फेसबुक पेज पर सारी चर्चा की गयी है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि लगातार वैमनस्यता की बातें फैलाई जा रहीं है जिससे अप्रिय स्थिति पैदा हो सकती है। पुलिस ने शिकायतकर्ता की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है, इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह को इस मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

 

इस पूरे प्रकरण पर डॉ संतोष कुमार का कहना है कि पिछले दिनों एक प्राइवेट पैथोलॉजी वाले को केजीएमयू में पकड़े जाने पर उसके खिलाफ मैंने तहरीर दी थी, उसी को वापस करने का दबाव बनाया जा रहा है, उन्‍होंने बताया कि तहरीर वापस करने की सिफारिश एफआईआर लिखाने वाले व्‍यक्ति ने ही की थी, चूंकि उसकी बात नहीं मानी इसलिए मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी गयी है।