-पुरानी पेंशन सहित अन्य मांगें पूरी न हुईं तो आगामी चुनावों में भुगतना पड़ेगा खामियाजा

सेहत टाइम्स
लखनऊ। इण्डियन पब्लिक सर्विस इम्प्लाईज फेडरेशन (इप्सेफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्र ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि देशभर के राजकीय एवं सार्वजनिक उपक्रमों के लाखों कर्मचारी एवं शिक्षक एनडीए की राज्य सरकारों के द्वारा उनकी समस्याओं का त्वरित निर्णय न करने से अपने को उपेक्षित महसूस करते आ रहे हैं। यही हाल केन्द्रीय कर्मचारियों का भी हैै। लोकसभा चुनाव में कर्मचारियों की नाराजगी के कारण एनडीए को क्षति भी हुई है, आगे होने वाले चुनावों पर भी प्रभाव पड़ेगा। 2 अक्टूबर को गांधी जयन्ती पर प्रार्थना सभा कर न्याय प्राप्त करने का संकल्प लेते हुए आन्दोलन की शुरूआत की जायेगी।
श्री मिश्र ने बताया कि इप्सेफ की बैठक में आये 20 राज्यों के पदाधिकारियों ने एनडीए के वरिष्ठ नेता और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर अपनी पीड़ा बतायी थी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों/शिक्षकों की 1. पुरानी पेंशन की बहाली, 2. 8वें वेतन आयोग का गठन, 3. आउटसोर्स/संविदा/केन्द्र व राज्य सरकारों द्वारा वित्तपोषित योजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, न्यूनतम वेतन देने तथा रिक्त पदों पर नियुक्ति में वरीयता, 4. सारी सरकार में रिक्त पदों पर नियमित भर्ती, पदोन्नतियां एवं सेवानियमावलियों का प्रख्यापन की मांगों पर निर्णय कराया जाय।
श्री मिश्र ने कहा है कि प्रधानमंत्री एवं सभी मुख्यमंत्री यदि कर्मचारी संगठन के साथ मिल-बैठकर समाधान नहीं करेंगे तो बाकी चुनावों में एनडीए सहित सभी दलों को भारी-क्षति उठानी पड़ेगी।
श्री मिश्र ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि कर्मचारियों की इन मांगों पर मिल बैठकर तत्काल समाधान निकालकर आपसी सद्भाव का वातावरण बनायें अन्यथा देश भर में बड़ा आन्दोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा।

