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सुदृढ़ भारत के निर्माण में इप्‍सेफ सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा

-देश भर के कर्मचारियों ने कोविड-19 सहायता कोष में अब तक 50 हजार करोड़ दिये
-सुविधाओं के लिए जताया आभार, कर्मचारियों के कल्‍याण की योजनाओं पर ध्‍यान दे सरकार

लखनऊ। इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन की अपील पर देशभर के कर्मचारियों ने स्वेच्छा से 1 दिन का वेतन प्रधानमंत्री केयर एवं मुख्यमंत्री सहयता कोष में लगभग 50 हजार करोड़ रुपए की धनराशि जमा की है और यह क्रम जारी है।

यह जानकारी देते हुए इप्सेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी पी मिश्रा, महामंत्री प्रेमचंद तथा राष्ट्रीय सचिव अतुल मिश्रा ने बताया कि इप्सेफ की अपील पर केंद्र सरकार एवं राज्यों के कर्मचारी स्वेच्छा से एक दिन का वेतन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार से नाराजगी के बावजूद राष्ट्रहित में आवश्यक सेवाओं डॉक्टर, नर्सेज,फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन एवं पैरामेडिकल स्टाफ वार्ड बॉय सफाई कर्मचारी जान की परवाह किए बिना अपनी सेवाएं दे रहे हैं, हालांकि उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपकरण भी नहीं मिल पाए हैं। कई की तो मौत भी हो गई है। भारत सरकार द्वारा कोरोना से मृत कर्मचारियों के परिवार को ₹50 लाख का बीमा करने का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री से मांग की है कि मृत कर्मचारी के आश्रित को तत्काल योग्यता अनुसार नौकरी दी जाए तथा मृत कर्मचारी के वेतन के बराबर धनराशि उसके परिवार को दी जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि कोरोना में सेवा दे रहे कर्मचारियों को हरियाणा सरकार की भांति वेतन दोगुना कर दी जाए।

इप्सेफ ने कर्मचारियों की बहादुरी के लिए उन्हें धन्यवाद देते हुए सरकार को पूरा सहयोग देने का वादा किया है। बेरोजगार मजदूरों को राशन भोजन की व्यवस्था करने के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया है।

इप्सेफ ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्रियों को भरोसा दिलाया है कि कोरोना से मुक्ति पाते ही देश भर के करोड़ों कर्मचारी देश की आर्थिक स्थिति सुधारने मे जी-जान से सहयोग करके सुदृढ़ भारत का निर्माण करने में पूरा सहयोग देंगे। इप्सेफ ने प्रधानमंत्री से अपेक्षा की है कि करोड़ों कर्मचारी परिवार के विकास हेतु एक योजना तैयार कराएं जिससे सरकारी कर्मचारियों के परिवार भी अपना भविष्य उज्ज्वल बना सके।