इंटर्न्‍स ने स्‍टाइपेंड वृद्धि को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन, आईएमए का मिला समर्थन

-आईएमए स‍चिव ने कहा, कोराना काल में सरकार को करना चाहिये विचार

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के एमबीबीएस, बीडीएस कर रहे रेजीडेंट्स ने अपने स्‍टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा, इन इंटर्न्‍स ने शांति पूर्वक ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। इंटर्न्‍स की इस मांग को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की लखनऊ शाखा का समर्थन मिला है।  

इंटर्न्‍स का कहना है कि हमारा स्‍टाइपेंड पिछले दस सालों से 7500 रुपये प्रतिमाह पर टिका हुआ है, जबकि महंगाई कई गुना बढ़ गयी है। इनका कहना है कि केंद्रीय चिकित्‍सा संस्‍थानों में इसी कार्य के लिए 23500 रुपये प्रतिमाह दिये जाते हैं, जबकि दूसरे राज्‍यों में 30000 रुपये प्रतिमाह तक भुगतान किया जाता है। इंटर्न्‍स की मांग है कि हमें भी केंद्रीय संस्‍थानों के बराबर स्‍टाइपेंड मिलना चाहिये। इन इंटर्न्‍स ने कहा है कि यदि हमारी मांग पूरी न हुई तो कार्य बहिष्‍कार के लिए हम बाध्‍य होंगे। इंटर्न्‍स पूर्व में केजीएमयू प्रशासन को भी अपना ज्ञापन सौंप चुके हैं।

इंटर्न्‍स की इस मांग को जायज ठहराते हुए आईएमए लखनऊ के सचिव डॉ जेडी रावत ने कहा है कि सरकार को कोविड-19 महामारी में इंटर्न की वेतन मांग पर विचार करना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि संविदा कर्मचारियों को भी प्रोत्साहन देना चाहिए ताकि वे ड्यूटी पर रह सकें अन्यथा वे नौकरी छोड़ रहे हैं।