नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के विरोध में IMA का देशव्यापी अभियान जारी

लखनऊ पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने गिनाईं बिल की खामियां

लखनऊ। भारत सरकार द्वारा नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) बनाने के लिए लाये जाने वाले बिल के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन देश भर में अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर रवि वानखेड़कर आज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आए ।

यहां किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्व विद्यालय के कलाम सेंटर में IMA लखनऊ की शाखा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में डॉ वानखेड़कर ने चिकित्सा जगत से जुड़े छात्र-छात्राओं को भी संबोधित किया।पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बताया अगर यह बिल पास हो गया तो MBBS करने वाले छात्रों को सर्वाधिक दिक्कत होगी।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि यह बिल लागू हुआ तो तो मौजूदा इंडियन मेडिकल कौंसिल एक्ट 1956 समाप्त माना जाएगा। इसी के साथ चिकित्सकों के लिए न्यूनतम योग्यता MBBS नहीं रह जाएगी।

डॉ रवि का कहना था कि वह किसी पैथी के विरोधी नहीं हैं लेकिन हर पैथी का अलग स्वरूप होता है। अगर NMC बिल पास हुआ तो आयुर्वेदिक योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा यूनानी शिक्षा एवं होम्योपैथी की योग्यता रखने वाले चिकित्सक भी एलोपैथिक मेडिसिन में अपना पंजीकरण करा सकेंगे और एलोपैथिक दवाई लिख सकेंगे। उनका कहना था कि इससे इलाज की गुणवत्ता में कमी आएगी।

उन्होंने बताया मौजूदा समय में MBBS एडमिशन लेने से पूर्व एंट्रेंस देना जरूरी है लेकिन इस बिल के लागू होने के बाद भारत के किसी भी मेडिकल कॉलेज में MBBS करने के बाद एक एग्जिट परीक्षा अलग से देनी होगी तभी आप MBBS चिकित्सक माने जाएंगे।

उनका कहना था यह उसी प्रकार होगा कितनी लंबी पढ़ाई करने के बाद अगर किसी वजह से एग्जिट इम्तिहान मेें बच्चा फेल हो जाए तो उसकी पूरी डॉक्टरी की डिग्री किसी काम की नहीं है।

डॉ रवि ने कहा मौजूदा समय में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की 85% सीटों पर सरकार का नियंत्रण होता है यानी उन पर एडमिशन सरकार द्वारा कराए जाने वाली प्रवेश परीक्षा के आधार पर ही होता है जबकि 15% पर मैनेजमेंट कोटे से एडमिशन हो सकता है लेकिन अगर यह बिल लागू हुआ तो यह 15 परसेंट का अधिकार बढ़कर 60% हो जाएगा यानी 60% सीटों पर मैनेजमेंट मनचाहे स्टूडेंट को प्रवेश दे देगा।

उन्होंने कहा की यह बिल लागू होने के बाद विदेश से डॉक्टर की डिग्री प्राप्त करने वाले को सीधे प्रैक्टिस करने का अधिकार मिल जाएगा जबकि भारत में MBBS करने वाले को एक एग्जिट परीक्षा से गुजरना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि इस बिल के विरोध के विरोध में हम लोग पिछले 25 फरवरी से भारत भर में अभियान चला रहे हैं इसी क्रम में 11 मार्च को सभी जगह एक साइकिल रैली निकाली गई तथा 12 मार्च से देशभर के 4 जगहों सेे जगहों से से यात्राएं शुरू की गई हैं।

इसी क्रम में मैं यहां आया हूं उन्होंने कहा कि आगामी 25 मार्च को नई दिल्ली में एक महापंचायत बुलाई जाएगी जिसमे आगे की रणनीति तय की जाएगी। पत्रकार वार्ता में आईएमए लखनऊ के पूर्व अध्यक्ष डॉ पीके गुप्ता, डॉ एएम खान, डॉ एससी श्रीवास्तव, डॉ राकेश सिंह भी उपस्थित रहे।