-बायो मेडिकल वेस्ट व कमरों पर जीएसटी मसले पर भी विरोध जताने का फैसला
-आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष व राष्ट्रीय महासचिव ने सदस्यों को दी फैसले की जानकारी

सेहत टाइम्स
लखनऊ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने बायो मेडिकल वेस्ट 12 प्रतिशत जीएसटी तथा नर्सिंग होम/अस्पतालों में प्रतिदिन 5000 रुपये से ज्यादा वाले कमरे के लिए 5 प्रतिशत जीएसटी लगाने के साथ ही एक बार फिर पतंजलि के बाबा रामदेव द्वारा की गयी टिप्पणी पर अपना विरोध जताया है।
आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सहजानंद प्रसाद सिंह व महासचिव डॉ जयेश लेले ने सभी आईएमए सदस्यों के लिए आज 12 जुलाई को जारी किये गये अपने पत्र में कहा है कि जीएसटी काउंसिल की पिछले माह हुई बैठक में कॉमन बायो मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट सुविधा पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगाने का फैसला किया गया है। इसके अतिरिक्त अस्पतालों में भर्ती मरीज से कमरे के एवज में 5000 रुपये से ज्यादा प्रतिदिन चार्ज करने वाले अस्पतालों से कमरे के किराये का 5 प्रतिशत टैक्स लगाने का भी निर्णय लिया गया है।
पत्र में कहा गया है कि जीएसटी को लेकर नये फैसले के लिए अभी नोटिफिकेशन नहीं किय गया है ऐसे में आईएमए इस मुद्दे को वित्त मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के समक्ष रोगी हित में पड़ने वाले असर को तर्क सहित प्रस्तुत कर रहा है।
पत्र में एक अन्य मसले पर कहा गया है कि पतंजलि आयुर्वेद के बाबा रामदेव द्वारा हाल ही में जारी अपने एक विज्ञापन में मॉर्डन चिकित्सा करने वालों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की गयी है। इस मसले पर आईएमए ने कानूनी नोटिस देने और आगे की कार्यवाही के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय लिया है क्योंकि यह विज्ञापन पिछले मामले में सुप्रीम कोर्ट में रामदेव की दलील के खिलाफ है। पत्र में लिखा है कि आईएमए उचित निर्देश और आदेश के लिए सर्वोच्च न्यायालय में पिछले मामले को फिर से उठाने की योजना बना रहा है। पत्र में आईएमए सदस्यों से कहा गया है कि आप लोग निश्चिंत रहे दोनों ही मैटर्स पर आईएमए एकसाथ कार्य कर रहा है।
