Thursday , May 12 2022

कुछ ‘इस’ वजह से, कुछ ‘उस’ वजह से टाल दी आईएमए ने हड़ताल

कुछ मुद्दों पर विरोध जारी रखेगी इंडियल मेडिकल एसोसिएशन

सेहत टाइम्स ब्यूरो

लखनऊ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का कहना है कि स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ हर्षवर्धन के आश्‍वासन के साथ ही अपने हित से बड़ा देश हित मानते हुए ही एसोसिएशन ने 8 अगस्‍त को की जाने वाली पूर्ण हड़ताल को स्‍थगित कर दिया है। यह फैसला IMA आपातकालीन कार्रवाई समिति ने आनन-फानन में बैठक बुलाकर लिया। आपको बता दें कि नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के खिलाफ आईएमए ने 8 अगस्त को सुबह 6 बजे से 24 घंटे के लिए हड़ताल की घोषणा की थी।

नेशनल प्रेसीडेंट डॉ शांतनु सेन, नेशनल प्रेसीडेंट इलेक्‍ट डॉ राजन शर्मा, आईएमए एक्‍शन कमेटी के चेयरमैन डॉ एएम पिल्‍लई तथा जनरल सेक्रेटरी डॉ आरवी अशोकन की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ शांतनु सेन के नेतृत्व में आईएमए का एक प्रतिनिधिमंडल अन्य वरिष्ठ नेताओं, चिकित्सा छात्र प्रतिनिधियों और जूनियर डॉक्टरों के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन से मिला। उनके द्वारा दिए गए कुछ स्पष्टीकरणों और आश्वासनों और जम्मू-कश्मीर में मौजूदा स्थिति, उत्तर पूर्व, कर्नाटक, महाराष्ट्र और देश के अन्य हिस्सों में भारी बाढ़ की स्थिति के साथ-साथ पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री सुषमा स्‍वराज के असामायिक निधन के चलते आईएमए ने यह निर्णय लिया। कहा गया है कि आगे की रणनीति बैठक में तय की जायेगी।

अपने विरोध के मुद्दों को लेकर आईएमए ने कहा कि आईएमए मेडिकल छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों का समर्थन करता है और न्याय प्रदान होने तक आंदोलन को गति देता रहेगा। आईएमए ने धारा 32, 50 और 51 के खिलाफ एक आक्रामक सार्वजनिक अभियान का फैसला किया है, जो नीमहकीम को वैध करता है और क्रॉसपैथी, धारा 10.1 को बढ़ावा देता है। चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता पर धारा 29.3 और 28.7 प्रश्‍नचिन्‍ह लगाती है।

आईएमए ने कहा है कि एनएमसी बिल 2019 की व्यापक धाराओं के खिलाफ आईएमए का संघर्ष चिकित्सा शिक्षा और राष्ट्र के स्वास्थ्य के नुकसान के बाहर होने तक जारी रहेगा।  आईएमए सभी हितधारकों खासकर मेडिकल छात्रों और रेजीडेंट डॉक्टर्स के साथ आगे की कार्रवाई के बारे में परामर्श करेगा। आईएमए ने सरकारी डॉक्टरों के संगठनों, विभिन्न राज्यों के सरकारी डॉक्टरों संगठनों, चिकित्सा शिक्षकों के संगठनों, बीमा डॉक्टरों के संगठनों, निजी डॉक्टरों और अस्पतालों के संगठनों, एफओएमए के तहत विशिष्ट संगठनों और अन्य संगठनों को धन्‍यवाद करते हुए कहा है कि इस महत्‍वपूर्ण समय में आईएमए के साथ खड़े रहकर एकजुटता बनाये रखें। आईएमए ने आईएमए एमएसएन और आईएमए जेडीएन की भूमिका की विशेष रूप से तारीफ की।

आईएमए लखनऊ के पूर्व अध्‍यक्ष डॉ पीके गुप्त ने देश में वर्तमान समय अस्थिर स्थिति को देखते हुए हड़ताल को स्थगित करने के इस निर्णय का स्वागत किया है।