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आईएमए के बैनर तले 24 घंटे के लिए हड़ताल पर जायेंगे चिकित्‍सक

बुधवार सुबह छह बजे से गुरुवार सुबह छह बजे तक रहेगी हड़ताल
इमरजेंसी सेवाओं को हड़ताल से अलग रखा गया

लखनऊ/नयी दिल्‍ली। नेशनल मेडिकल कमीशन विधेयक 2019 (National Medical Commission Bill, एनएमसी बिल) के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने कल बुधवार सुबह 6 बजे से गुरुवार सुबह 6 बजे तक 24 घंटे हड़ताल का आह्वान किया है, इमरजेंसी सेवाओं को हड़ताल से अलग रखा गया है।

दिल्ली स्थित आईएमए मुख्यालय ने देश भर के डॉक्‍टरों से बुधवार 31 जुलाई को 24 घंटे तक सेवाएं ठप रखने की अपील की है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने डॉक्‍टरों से कहा है कि वे बुधवार सुबह छह बजे से अगले दिन एक अगस्‍त की सुबह छह बजे तक गैर-जरूरी सेवाओं को जारी नहीं रखें। हालांकि, आपातकालीन, कैजुअल्टी, आईसीयू और संबंधित सेवाएं सामान्य रूप से काम करती रहेंगी। IMA ने कहा है कि नेशनल मेडिकल कमीशन बिल-2019 के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। राज्य और स्थानीय शाखाओं के डॉक्‍टर कल सार्वजनिक प्रदर्शन और भूख हड़ताल का आयोजन करेंगे।

आईएमए हेड क्‍वार्टर से जारी की गयी अपील के अनुसार आईएमए के सभी राज्‍यों के अध्‍यक्षों, सभी स्‍थानीय शाखाओं के अध्‍यक्षों व सचिवों, नेशनल ऑफि‍स बियरर्स तथा सीडब्‍ल्‍यूसी मेम्‍बर्स को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि बिल का सेक्‍शन 32 करीब साढ़े तीन लाख अयोग्‍य नॉन मेडिकल लोगों को मॉर्डन पद्धति से इलाज करने का लाइसेंस प्रदान करता है। दूसरे अर्थों में कहा जाये तो बिना मेडिकल बैकग्राउंड वाले झोलाछाप डॉक्‍टरों को प्रैक्टिस करने की अनुमति दी जा रही है। पत्र में कहा गया है कि विधेयक में कई अन्य विसंगतियां राष्ट्र के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करेंगी।