-17 अगस्त की सुबह से शुरू होगी हड़ताल, आवश्यक सेवाओं को हड़ताल से रखा गया है अलग
-आईएमए लखनऊ ने 16 अगस्त को काला रिबन बांध कर कार्य करने का किया आह्वान

सेहत टाइम्स
लखनऊ। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला रेजीडेंट डॉक्टर के साथ रेप और वीभत्स तरीके से की गयी हत्या के बाद से पूरे देश में उबाल है। रेजीडेंट डॉक्टरों का लगातार कार्य बहिष्कार जारी है, इस बीच बुधवार 14 अगस्त की देर रात में 40-50 लोगों की भीड़ द्वारा मेडिकल कॉलेज परिसर पर हमला करते हुए वहां जमकर तोड़फोड़ की, इन लोगों ने उस परिसर में भी तोड़फोड़ की जहां महिला डॉक्टर का रेप और उसकी हत्या की गयी थी। साथ ही इस कांड के विरोध में धरना दे रहे रेजीडेंट डॉक्टरों पर भी हमला किये जाने की खबर है। महिला डॉक्टर की रेप व हत्या के साथ ही धरने पर बैठे रेजीडेंट डॉक्टरों पर किये गये हमले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने इस घटना के विरोध में 24 घंटे के लिए देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। शनिवार सुबह 6 बजे से रविवार सुबह 6 बजे तक होने वाली इस हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन ओपीडी बंद रहेंगे।
आईएमए द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि 9 अगस्त 2024 को तड़के कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ क्रूरतापूर्वक रेप किया गया और फिर हत्या कर दी गई। इस घटना से डॉक्टरों में काफी रोष है। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं। आईएमए की ओर से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च भी किए गए हैं। कॉलेज प्रशासन ने इस मामले में लापरवाही बरती और पहले दिन के बाद से ही पुलिस जांच ठप पड़ी हुई है।
आईएमए हेडक्वार्टर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस दौरान आवश्यक सेवाएँ जारी रहेंगी। आपातकालीन विभाग में कर्मचारी मौजूद रहेंगे। नियमित OPD नहीं चलेगी और वैकल्पिक सर्जरी नहीं की जाएगी। आईएमए ने कहा है कि यह कार्य बहिष्कार उन सभी क्षेत्रों में होगा, जहाँ आधुनिक चिकित्सा के डॉक्टर सेवा दे रहे हैं। आईएमए ने कहा है कि इस मसले पर राष्ट्र की सहानुभूति की आवश्यकता है।
आईएमए लखनऊ द्वारा 14 अगस्त को हुई हमले व तोड़फोड़ की घटना पर रोष जताते हुए कहा है कि इस प्रकार की घटना बिना सत्ताधारी पार्टी के सहयोग के नहीं हो सकती है। अध्यक्ष डॉ विनीता मित्तल और सचिव डॉ संजय सक्सेना ने जारी पत्र में एसोसिएशन के सदस्यों से आह्वान किया है कि इस घटना के विरोध में 16 अगस्त को सभी चिकित्सक अपनी ड्यूटी के दौरान काला रिबन बांध कर विरोध जतायें।
दूसरी ओर फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोरडा) ने कोलकाता घटना को लेकर प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया। ज्ञात हो स्वास्थ्य मंत्रालय ने डॉक्टरों पर हमलों को रोकने के लिए एक कानून लाने सहित उनकी मांगों को पूरा करने का मौखिक आश्वासन दिया था, जिसके बाद फोरडा ने अपनी हड़ताल वापस ले ली थी, लेकिन डॉक्टरों ने इसकी कड़ी आलोचना की जिसके चलते फोरडा ने फिर विरोध जताने का फैसला किया।

