अवैध पैथोलॉजी : गुजरात में तो फि‍लहाल तारीख पर तारीख

पटना हाईकोर्ट के फैसले का स्‍वागत किया गुजरात प्रदेश की एसोसिएशन ऑफ पैथोलॉजिस्‍ट्स एंड माइक्रोबायोलॉजिस्‍ट्स के अध्‍यक्ष ने

अवैध रूप से चल रही पैथोलॉजी के खिलाफ पटना हाईकोर्ट के सख्‍त रुख के बाद अन्‍य राज्‍यों में भी इसकी गूंज सुनायी दे रही है। आपको बता दें कि पैथोलॉजी के संचालन के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने जो मानक निर्धारित किये हैं वे गुजरात के हाईकोर्ट के आदेश के बाद तय किये हैं। यही नहीं इस मसले को जब सुप्रीम कोर्ट ले जाया गया तो वहां भी गुजरात हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पारित किये।

 

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गुजरात की एसोसिएशन ऑफ पैथोलॉजिस्‍ट्स एंड माइक्रोबायोलॉजिस्‍ट्स के अध्‍यक्ष डॉ राजेन्‍द्र ललानी ने पटना हाईकोर्ट के निर्णय का स्‍वागत करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद अभी अनेक राज्‍यों में अयोग्‍य व्‍यक्तियों द्वारा पैथोलॉजी लैब का संचालन चल रहा है। जरा सोचकर देखिये जिस पैथोलॉजी रिपोर्ट के आधार पर किसी भी मरीज के इलाज की दिशा चिकित्‍सक तय करते हैं, उस रिपोर्ट का क्‍या महत्‍व हो सकता है। संविधान के अनुसार स्‍वास्‍थ्‍य सभी का मौलिक अधिकार है। नियमपूर्वक पैथोलॉजी का संचालन हो इसी लिए उच्‍चतम न्‍यायालय ने भी दिसम्‍बर 2017 में मेडिकल काउंसिल द्वारा गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया था। गुजरात हाईकोर्ट के फैसले में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को पैथोलॉजी संचालन के नियम बनाने के आदेश दिये थे। लेकिन यह विडम्‍बना है कि गुजरात में अभी भी ऐसी पैथोलॉजी लैब्‍स का संचालन हो रहा है।

 

डॉ राजेन्‍द्र ललानी ने कहा कि गुजरात हाईकोर्ट के 2010 के फैसले के बाद जो नियम एमसीआई ने तय किये थे, वह मरीजों के हित में हैं, यही नहीं इस फैसले को उच्‍चतम न्‍यायालय ने भी सही ठहराया था। उन्‍होंने कहा कि पटना हाईकोर्ट ने भी अपने फैसले में गुजरात हाईकोर्ट के फैसले के बाद एमसीआई द्वारा तैयारा किये गये पैथोलॉजी संचालन के मानकों को सही ठहराया है। उन्‍होंने कहा कि यहां गुजरात हाईकोर्ट में भी इस फैसले को लागू कराने के लिए अवैध रूप से संचालित हो रहीं पैथोलॉजी को चिन्हित कर बंद करने को लेकर याचिका हाईकोर्ट में लम्बित है। अभी इस पर सुनवाई नहीं हो सकी है। उन्‍होंने बताया कि अभी तक जितनी बार भी याचिका पर सुनवाई की तारीख पड़ी है, उस पर सुनवाई नहीं हो सकी है, अब अक्‍टूबर में अगली तारीख लगी हुई है, उसी का इंतजार है।

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