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अगर चिकित्‍सक समुदाय रक्षात्‍मक हो गया तो एक बड़े वर्ग के इलाज पर पड़ेगा असर

रेलवे हॉस्पिटल के डॉ शिशिर रस्‍तोगी पर हमले की कड़ी भर्त्‍सना की आईएमए ने

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन लखनऊ ने रेलवे हॉस्पिटल के डॉ शिशिर रस्तोगी पर तीमारदारों द्वारा जानलेवा हमले की कड़ी भर्त्सना की है। एसोसिएशन ने भीड़ में मौजूद अपराधी तत्वों को चिन्हित कर उनपर मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्यवाही की मांग की है।

इस सम्‍बन्‍ध में अध्‍यक्ष डॉ जीपी सिंह और सचिव डॉ जेडी रावत ने विज्ञप्ति में कहा है कि रेलवे अस्‍पताल में ऑर्थोपैडिक सर्जन डॉ शिशिर रस्‍तोगी पर 16 सितम्‍बर को ड्यूटी के समय कुछ अज्ञात लोगों ने जो हमला किया है, उसमें उनको गंभीर चोटें आयी हैं, बमुश्किल भागकर उन्‍होंने अपनी जान बचायी, हमलावरों ने अस्‍पताल में तोड़फोड़ भी की। आईएमए इसकी भर्त्‍सना करती है। उन्‍होंने कहा कि दोषियों पर कड़ी काररवाई हो जिससे कड़ा संदेश जाना चाहिए।

आईएमए लखनऊ के पूर्व अध्‍यक्ष डॉ पीके गुप्‍ता ने घटना की निंदा करते हुए कहा है कि घटना से पूरा चिकित्सा समुदाय आहत है सोशल मीडिया के समय मे मारपीट का वीडियो पूरे देश के डॉक्टर्स के बीच पहुंच चुका है जिस प्रकार एक डॉक्टर को उसके चैम्बर से भीड़ द्वारा निकाल कर परिसर में घेर कर हमला किया गया, जिससे उनका एक दांत भी टूट गया है, यह लखनऊ के लिए शर्म की बात है। यह बर्ताव सभ्य समाज मे उचित नहीं है, यदि इस प्रकार के हमलों पर सभ्य समाज चुप रहेगा तो भीड़ का मनोबल बढ़ेगा और गंभीर रोगियों के इलाज से डॉक्टर डरने लगेंगे, जिसका बड़ा असर जनस्वास्थ्य पर पड़ेगा और हम सब प्रभावित होंगें।

उन्‍होंने मीडिया से अनुरोध किया है कि इस गंभीर ट्रेंड पर सरकार और समाज का ध्यान आकर्षित करे क्योकि चिकित्सक सभ्य समाज का ही सदस्य है, यदि किसी को डॉक्टर से लापरवाही की शिकायत है तो उचित फोरम में मामला दर्ज कराए न कि कानून हाथ मे ले कर हमला कर दे ऐसे तो चिकित्सक समुदाय रक्षात्मक हो जाएगा और बड़े वर्ग का  इलाज प्रभावित हो जाएगा। ऐसी स्थिति न आये इसके लिए सभी को आगे आना होगा।