जनता की सेवा करना अगर भ्रष्‍टाचार है तो हां हम भ्रष्‍टाचारी हैं…

उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रमुख उपाध्यक्ष फार्मासिस्‍ट का स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री को सम्‍बोधित बयान

 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रमुख उपाध्यक्ष व राजकीय फार्मेसिस्ट महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष , डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के प्रवक्ता  सुनील यादव ने स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री को सम्‍बोधित अपने बयान में कहा है कि फार्मासिस्ट संवर्ग के साथी ओपीडी  के साथ साथ 24 घंटे इमरजेंसी, वीआईपी , दैवी आपदा, मेला ड्यूटी आदि पूरे मनोयोग से कर रहे हैं।

 

आपको बता दें पिछले दिनों मेरठ में उत्‍तर प्रदेश के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री द्वारा दिये गये बयान जिसमें उन्‍होंने कर्मचारियों और फार्मासिस्‍ट के नेक्‍सस के चलते स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में भ्रष्‍टाचार की बात कही थी। अखबारों में यह बयान छपने से तिलमिलाये कर्मचारियों ने बयान को विरोध करना शुरू कर दिया था, इसी क्रम में दो नवम्‍बर में बयान की प्रतियां जलाने तथा 12 नवम्‍बर को स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के आवास का घेराव करने का ऐलान किया है। इसके लिए जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं। इसी बयान से आहत फार्मासिस्‍ट संघ की ओर से स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री को सम्‍बोधित बयान बुधवार को आया है।

 

सुनील यादव का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर केवल 2 फार्मेसिस्ट हैं ओपीडी के साथ इमरजेंसी होती है, पीएचसी पर केवल 1 फार्मेसिस्ट होता हैं,  यही नहीं अधिकांश स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक नहीं हैं, ऐसी स्थिति में चिकित्सालय केवल फार्मेसिस्ट संचालित करते हैं,  जबकि सीएचसी पर एक एक फार्मेसिस्ट 24 से 48 घण्टे लगातार ड्यूटी करता है। फार्मेसिस्ट को कोई वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार नहीं प्राप्त है वह तो केवल जनता की सेवा में लगा है तो ये किससे और कैसे और क्यों नेक्सस बनाएगा?  ये भ्रष्‍टाचार की परिभाषा क्या है?

 

उन्‍होंने कहा कि हाँ एक बात है …मैं यह स्वीकार करता हूँ और गांव की गरीब जनता भी स्वीकार करती है कि फार्मेसिस्ट का गांव की जनता, गरीब जनता से जरूर नेक्सस है, क्योंकि हम जनता के दुःख बांटते हैं, और अगर जनता की सेवा  भ्रष्टाचार है, तो हम भ्रष्टाचारी हैं’।