Thursday , June 30 2022

इस तरह की लापरवाही से कैसे 2025 तक समाप्‍त हो पायेगी टीबी

-दवा व्‍यापारी टीबी की दवायें खरीदने की सूचना उपलब्‍ध नहीं करा रहे
-दवा व्‍यापारी नेताओं के साथ कार्यशाला का आयोजन किया विभाग ने

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। टीबी की दवा खरीदने वालों की सूचना दवा के फुटकर व्‍यापारी स्‍वास्‍थ्‍य विभाग को नहीं उपलब्‍ध करा रहे हैं, यह टीबी उन्‍मूलन के प्रयास में बड़ा रोड़ा साबित हो रहा है। विभाग के अधिकारियों ने दवा विक्रेताओं से अपील की है कि वे निर्धारित प्रारूप में यह सूचना नियमित उपलब्‍ध करायें, ताकि टीबी को देश से जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्‍प पूरा हो।

ज्ञात हो प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने भारत से टीबी को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए वर्ष 2025 का लक्ष्‍य निर्धारित किया है, और इस लक्ष्‍य को पाने के लिए अनेक प्रकार की योजनायें भी शुरू की गयी हैं। इन्‍हीं में एक है दवा विक्रेता से टीबी की दवा खरीदने वालों का विवरण देने की अनिवार्यता। इसका मकसद टीबी के रोगियों का सरकार की नजर में लाना है जिससे इसके उन्‍मूलन का रास्‍ता पुख्‍ता किया जा सके।

इसी परिप्रेक्ष्‍य में राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम जनपद लखनऊ में आज बुधवार को केमिस्ट्स एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों तथा रिटेलर व्यापारियों के साथ संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन रीजनल टीबी केंद्र लखनऊ में किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ0 संजीव कुमार अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण लखनऊ मंडल लखनऊ द्वारा की गई डॉ बीके सिंह जिला क्षय रोग अधिकारी लखनऊ द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी को टीबी नोटिफिकेशन तथा पब्लिक हेल्थ एक्शन के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी उपलब्ध कराई तथा सभी से अपेक्षा की कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित 2025 तक देश प्रदेश से टीबी के संपूर्ण समाप्त करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।

कार्यक्रम के दौरान कहा गया कि सभी रिटेल केमिस्ट के द्वारा टीबी की दवाइयां लेने वालों की सूचना उपलब्ध नहीं कराई जा रही है जो एक खेद का विषय है जिसके लिए आप सभी से तथा एसोसिएशन के पदाधिकारियों से अनुरोध है कि शत-प्रतिशत औषधि खरीदने वालों की सूचना निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने के साथ यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाए कि आपके द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना पूर्णरूपेण वह सही तरीके से संपूर्ण सूचनाओं के साथ उपलब्ध कराई जाए ।

ड्रग इंस्पेक्टर लखनऊ बृजेश कुमार यादव ने सभी से अनुरोध किया कि लखनऊ निजी चिकित्सा क्षेत्र में भारत सरकार के निर्धारित लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है जिसके लिए आप सभी के स्तर से शत प्रतिशत रोगियों की सूचना प्राप्त ना होना एक बहुत बड़ा कारण है। भारत सरकार के H1 शेड्यूल के गजट नोटिफिकेशन के अनुसार संबंधित अभिलेखों का रखरखाव समस्त केमिस्ट को रखना है तथा निकटतम एनटीपी टीवी यूनिट पर उसकी सूचना समय पर उपलब्ध कराना है आपके सहयोग से ही लखनऊ निजी क्षेत्र में निर्धारित लक्ष्य को शत प्रतिशत प्राप्त करने में सफल होगा ।

ड्रग इंस्पेक्टर लखनऊ माधुरी सिंह ने कहा कि व्यापक रूप से टीबी नोटिफिकेशन कराए जाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि व्‍यापारियों में जागरूकता लाने के उद्देश्‍य से गोष्ठी व संवेदीकरण कार्यशालाओं का आयोजन ऐसी जगहों पर किया जायेगा जहां आसपास दवा की बड़ी मात्रा में दुकानें हों।

कार्यक्रम में डॉ आर.सी. गुप्ता कंसलटेंट लखनऊ ने भी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराईं। कार्यक्रम के दौरान जीत प्रोजेक्ट के इमरान, अंजुला सचान तथा एनपीईपी से रामजी वर्मा, फहीम अहमद, अभय चंद्र मित्रा भी उपस्थित थे।