Sunday , November 27 2022

आपराधिक प्रवृत्ति को दूर करने में मददगार है होम्योपैथी

डॉ अनुरुद्ध वर्मा

होम्यो चिकित्सकों ने कारागार मंत्री से भेंट कर कैदियों के होम्योपैथिक इलाज के लिए सौंपा ज्ञापन

लखनऊ।  सरकार से प्रदेश के कारागारों में होम्योपैथिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर केन्दीय होम्योपैथिक परिषद के वरिष्ठ सदस्य डॉ. अनुरुद्ध वर्मा के नेतृत्व में चिकित्सकों के एक प्रतिनिधि मण्डल ने कारागार राज्यमंत्री जय कुमार सिंह जैकी से भेंट कर एक ज्ञापन दिया। प्रतिनिधि मण्डल ने मंत्री को अवगत कराया कि होम्योपैथी, सरल, सुलभ दुष्परिणाम रहित तथा रोगी के मानसिक उपचार के लिए सफल पद्धति है।
पत्र में कहा गया है कि होम्योपैथी पद्धति मेें मुख्यत: रोगी के मानसिक लक्षणों को दृष्टिगत रखते हुए उपचार किया जाता है। डॉ. वर्मा में बताया कि आपराधिक प्रवृत्ति एक मानसिक बीमारी है जिससे ग्रसित होकर मनुष्य चोरी, डकैती, हत्या, बलात्कार, मार-पीट, लूट-पाट, धोखा-धड़ी, झूठ-फरेब जैसे आपराधिक कृत्य करता है। होम्योपैथी में ऐसी अनेक कारगर औषधियां हैं जो व्यक्ति की आपराधिक प्रवृत्ति को समाप्त कर उसे सामान्य बना सकती है।
पत्र में कहा गया है कि प्रदेश के कारागारों में हजारों कैदी विभिन्न अपराधों में निरुद्ध हैं जिन्हें होम्योपैथी इलाज की जरूरत है। होम्योपैथिक इलाज द्वारा जिला कारागारों, आदर्श कारागारों एवं बाल सुधार गृहों में निरुद्ध लोगोंं में आपराधिक प्रवृत्ति को समाप्त कर उन्हें स्वस्थ जीवन जीने योग्य बनाकर प्रदेश में अपराधों में कमी लायी जा सकती है और सरकार के अपराध मुक्त प्रदेश बनाने के संकल्प को पूरा किया जा सकता है।
डॉ. वर्मा ने अवगत कराया कि कारागारों में होम्योपैथिक चिकित्सा सुविधा की अस्थायी व्यवस्था की गयी थी जिसके उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हुए हैं। कारागार राज्यमंत्री ने प्रतिनिधि मण्डल को सकारात्मक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। डॉ. अनुरुद्ध वर्मा ने बताया कि इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री से भी कारागारों में होम्योपैथिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। प्रतिनिधि मण्डल में डॉ. एसडी सिंह, डॉ. बलिराम, डॉ. एफबी वर्मा आदि शामिल थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

2 × two =

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.