आयुर्वेद-यूनानी डॉक्‍टर छोड़ नर्सों को कम्‍युनिटी हेल्‍थ ऑफीसर बनाने की थी तैयारी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीएचओ पदों पर भर्ती प्रक्रिया पर लगायी रोक

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने चार सप्‍ताह में मांगा सरकार से जवाब

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश द्वारा निकाली गई कम्‍युनिटी हेल्‍थ ऑफीसर CHO की 6000 पदों की भर्ती पर रोक लगा दी है। पीठ ने इस पर प्रदेश सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत द्वारा लगायी गयी यह रोक 7 अगस्त तक रहेगी, यह रोक आगे उच्च न्यायालय के आदेश के अधीन रहेगी।

 

यह जानकारी देते हुए बीयूएमएस चिकित्‍सकों के प्रतिनिधि डॉ आईएम तव्‍वाब तथा आयुर्वेदिक चिकित्‍सकों के प्रतिनिधि डॉ पीयूष अवस्‍थी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना के तहत हर स्वास्थ्य  उपकेन्द्र पर कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर की नियुक्ति की जानी है।

 

भारत सरकार द्वारा निर्गत गाइडलाइन के तहत इस पद पर BAMS/BUMS चिकित्सकों की नियुक्ति होनी चाहिए, इनके ना मिलने पर स्टाफ नर्स की नियुक्ति होनी चाहिए।

 

दोनों चिकित्‍सकों ने बताया कि उत्‍तर प्रदेश सरकार ने इस नियम की अनदेखी करते हुए केवल स्टाफ नर्स की नियुक्ति के लिए  विज्ञापन जारी कर दिया, जिसे आयुष डाक्टर वेलफेयर एसोसिएशन उप्र द्वारा चुनौती दी गई थी। उच्च न्यायालय ने पूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी है तथा उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है ।