बाटा कम्‍पनी के जिला प्रबंधक के खिलाफ उत्‍पीड़न का मुकदमा दर्ज

-स्‍टोर मैनेजर को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताडि़त करने का आरोप

कानपुर/लखनऊ। कानपुर में बाटा इंडिया की एक शॉप ‘बाटा शू स्टोर’ लाजपत नगर पर लखनऊ निवासी स्टोर मैनेजर के साथ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का मामला सामने आया है, पुलिस ने मामले की रिपोर्ट कानपुर के नजीराबाद थाने में दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

रिपोर्ट के अनुसार लखनऊ निवासी सिद्धार्थ द्विवेदी, जो शहर के प्रतिष्ठित समाजसेवी प्रमिल द्विवेदी के पुत्र हैं, कानपूर में लाजपत नगर स्थित ‘बाटा शू स्टोर’ मे 5 सितंबर 2020 से कार्यरत हैं। आरोप है कि बाटा कंपनी का कानपुर जिला प्रबन्धक ओंकार भसीन ने कर्मचारी फव्वाज अहमद और अमित तिवारी के साथ मिलकर प्रार्थी को जान माल की धमकी, स्टोर पर आकर गाली गलौच, अभद्रता और हाथापाई की, बताया गया है कि जब से सिद्धार्थ द्विवेदी ने कानपुर जॉइन किया है तब से ओंकार भसीन उसे किसी न किसी तरह से लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है।

आरोपी ओंकार भसीन

इसी क्रम में बीती 27 जनवरी 2021 को साजिश के तहत ओंकार भसीन ने सिद्धार्थ द्विवेदी से 89,230 रुपए की देनदारी तथा स्टॉक कम होने के कागज पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए, इसके अलावा 25 जनवरी 2021 को भी ट्रांसफर लेटर पर भी दबाव बनाकर जबरन हस्ताक्षर कराये।

सिद्धार्थ द्विवेदी का आरोप है कि उसे नौकरी से निकालने और बदनाम करने की नीयत से 12 जनवरी की रात 10.30 बजे ओंकार भसीन ने विकास अवस्थी की मदद से मुझे और मूलगंज शॉप के मैनेजर अमन सिंह जो कि अपनी शॉप बंद करके मुझसे मिलने आया था, को भी फंसाने की साजिश के तहत शराब पीने की साजिश रची और अपने साथी अमित तिवारी के साथ अचानक गेट फांदकर शटर के नीचे घुस आया और यह कहते हुए कि ‘पकड़ लिया, पकड़ लिया’ चिल्लाता हुआ फोटो खींचने लगा। बताया गया है कि सिद्धार्थ द्विवेदी को रात के 12-12 बजे तक और कभी-कभी पूरी रात स्टोर खोलकर काम करने के लिए मजबूर किया जाता था, आरोप है कि अपने इन्हीं ग़लत कामों को अंजाम देने और उन्हें छुपाने के लिए कई बार अनुरोध करने के बावजूद ओंकार भसीन ने आज तक शॉप मे सीसीटीवी कैमरे नहीं लगवाए हैं।

सिद्धार्थ द्विवेदी ने बताया कि ओंकार भसीन के खिलाफ कानपुर में अलग अलग थानों नवीन मार्केट, लाजपतनगर और मूलगंज में में तीन एफ आई आर पहले से ही दर्ज हैं। अमित तिवारी और फव्वाज अहमद का भी आपराधिक इतिहास है। सिद्धार्थ द्विवेदी का कहना है कि भविष्य मे भी मुझे इन लोगों से मुझे जान माल का खतरा है।