बच्चियों में आत्‍मविश्‍वास भरेगी ‘हमसे न लो पंगा’ महिला कबड्डी प्रतियोगिता

लीग मैच के साथ हुआ प्रतियोगिता का उद्घाटन, यूपी के अनेक शहरों में आयोजित हो रहे हैं मैच

 

निजी क्षेत्र से पहली बार आयोजित की जा रही है इस तरह की प्रतियोगिता, बीकेटी में हुआ पहला मैच  

लखनऊ। प्रदेश में पहली बार निजी स्तर पर डब्ल्यूकेएल (महिला कबड्डी लीग) हो रही है। ‘हमसे न लो पंगा’ नाम की यह खेल प्रतियोगिता स्वयंसेवी संस्था ‘अंश वेलफेयर फाउंडेशन’ अपने कई सहयोगियों के साथ मिलकर करा रही है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्‍य बालिकाओं विशेषकर ग्रामीण निजी और सरकारी स्कूलों की बच्चियों में आत्मविश्वास भरना है।

 

गणतंत्र दिवस के मौके पर बीकटी ब्लाक से महिला कबड्डी लीग की शुरुआत हुई। इटौंजा इलाके के रामा कान्वेंट इंटर कॉलेज, हनुमन्तपुर में रामा कान्वेंट स्कूल, पूर्व माध्यमिक विद्यालय शाहपुर व पूर्व माध्यमिक विद्यालय अटेसुआ की कुल 8 टीमें आपस में भिड़ी। सीनियर वर्ग में पूर्व माध्यमिक विद्यालय अटेसुवा नेे प्रतियोगिता जीती। वहीं, जूनियर वर्ग में रामा कान्वेंट स्कूल की बच्चियों ने बाजी मारी।

 

यूपी लेबल की इस लीग के पहले मैच में भारी उत्साह देखने को मिला। ग्रामीण इलाके की धाकड़ बच्चियों ने कबड्डी में पूरा दमखम दिखाया। इस कबड्डी प्रतियोगिता में रामा कान्वेंट के प्रबन्धक उमेश चौहान, प्रिंसिपल रामा चौहान, कबड्डी लीग के आयोजक मंडल की श्रद्धा सक्सेना, नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान, शिवा पांडेय, विनीता श्रीवास्तव, आभा सिंह, रीता सिंह पटेल व ग्राम प्रधान आजाद अंसारी आदि ने बालिकाओं के उत्साहवर्धन किया।

 

अंश वेलफेयर फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रद्धा सक्सेना और कबड्डी लीग के संयोजक नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान ने बताया कि महिला कबड्डी लीग का आयोजन उत्‍तर प्रदेश के लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, उन्नाव, हरदोई, कानपुर, लखीमपुर, रायबरेली, इलाहाबाद, बनारस, सोनभद्र, अम्बेडकरनगर, सुल्तानपुर, रामपुर, फैजाबाद, मैनपुरी, शाहजहांपुर व इटावा सहित कई जिलों में कराया जा रहा है।

 

उन्होंने बताया कि “हमसे न लो पंगा” में कबड्डी के माध्यम से नारी सशक्तिकरण की नई इबारत लिखने की कोशिश हो रही है। सभी मैच जनवरी से अप्रैल के मध्य सम्पन्न होंगे। उन्‍होंने बताया कि शुरू की गयी इस प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में कोई भी स्कूल हिस्सा ले सकता है। इसमें आयु वर्ग 10 से 14 वर्ष (जूनियर) और आयु 15 से 18 वर्ष (सीनियर) टीमें होंगी। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए स्कूल या फिर लड़कियों को किसी प्रकार की शुल्क नहीं देना है। उन्‍होंने बताया कि अप्रैल में होने वाले सेमी फाइनल और फाइनल मैच में जो टीमें लखनऊ आएंगी, उनके रहने-खाने का इंतजाम भी आयोजक मंडल की ओर से किया गया है।