सरकारी शिक्षिकाओं को पांच माह से नहीं मिला वेतन, हालात तंग

-8 जून से आंदोलन करेंगी पीड़ि‍त शिक्षिकायें

लखनऊ। राजधानी के सहायता प्राप्त माध्यमिक बालिका विद्यालयों में प्राइमरी विभागों के सहायक अध्यापकों और प्रवक्ताओं को बीते पांच माह से वेतन नहीं मिला है। इन शिक्षिकाओं को वेतन रोकने के कारण भी नही बताये जा रहें हैं। इस दौरान निरंतर सेवाएं ली जा रही हैं। वेतन न मिलने से आर्थिंक तंगी के हालातों से गुजरने वाली शिक्षिकाओं ने, प्रधानाचार्य समेत जिला विद्यालय निरीक्षक लखनऊ तक से पत्र के माध्यम से गुहार लगाई, मगर सुनवाई न होने से, मजबूर होकर आगामी 8 जून से आन्दोलन करने को मजबूर हैं।

यहां के जनता गर्ल्‍स इंटर कालेज, खुन खुन जी गर्ल्‍स इंटर कॉलेज, कस्तूरबा कन्या इंटर कॉलेज सहादतगंज में कार्यरत पांच शिक्षिकाओं का आरोप है कि उनका अकारण ही, जनवरी 2020 से वेतन रोक दिया गया है। जबकि उनकी नियुक्ति नियमानुसार वर्ष 2016 में हुई थी, जिसे शासन व वित्त विभाग द्वारा अनुमन्यता भी मिल गई थी, जिसकी वजह से उन सभी का वेतन आहरित हो रहा था। पीडि़त शिक्षिका उमा देवी ने बताया कि जनवरी 2020 से आजतक, पांच माह का वेतन नही मिला है। जबकि शासन द्वारा लॉक डाउन के दौरान मुख्‍यमंत्री योगी द्वारा समस्त वेतनभोगियों को बिना किसी व्यवधान के वेतन प्रदान किये जाने के निर्देश थे।

दूसरी पीडि़त शिक्षिका अंजू रानी ने बताया कि कई बार जिला विद्यालय निरीक्षक लखनऊ और अन्य सक्षम अधिकारियों के यहां पर पत्र के माध्यम से मांग कर चुके हैं, मगर कहीं भी सुनवाई नही हैं। अंतत: हम सभी आगामी 8 जून से विरोध में आन्दोलन करने को मजबूर हैं। इसके अलावा पीडि़त शिक्षिकाओं में मंजू लता मौर्या व प्रभा अवस्थी का कहना है कि बिना वेतन हम सभी के परिवार की आर्थिंक स्थिति दयनीय हो चुकी है। अधिकारी सुध नहीं ले रहें हैं, इसलिये अधिकारियों की कार्यशैली का विरोध करते हुये वेतन की मांग की जायेगी। इस संबन्ध में जिला विद्यालय निरीक्षण टू, नन्द कुमार गुप्ता से दूरभाष से संपर्क किया गया, मगर बात नहीं हो सकी।