मांगों को लेकर करने को हाथ दो-चार, कर्मचारियों ने संगठन को दी धार

राज्‍य कर्मचारी संयुक्‍त परिषद ने गठित की संघर्ष समिति

लखनऊ।  उत्‍तर प्रदेश सरकार के साथ दो-दो हाथ करने के लिए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्‍तर प्रदेश ने अपनी तैयारियां सुनियोजित तरीके से तेज कर दी हैं, इसके तहत प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए संघर्ष समिति का गठन किया गया है। संगठन प्रमुख की जिम्‍मेदारी डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एशोसियेशन से के के सचान को सौंपते हुए, सुनील यादव व ज्ञान चतुर्वेदी को उपाध्यक्ष बनाया गया है। अशोक कुमार नर्सेज संघ को प्रवक्ता बनाया गया वहीं लैब टेक्नीशीयन संघ से सुनील कुमार को मीडिया प्रभारी का जिम्मा मिला है। डेंटल हाइजिनिस्ट संघ से राजीव तिवारी को वित्त मंत्री तो लिम्ब सेंटर से अरविंद निगम को भी उपाध्यक्ष नामित किया गया।

 

वहीं संघर्ष समिति का चेयरमैन तेजतर्रार संदीप बडौला अध्यक्ष डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एशोसियेशन उ प्र को बनाकर परिषद के आगामी प्रस्तावित आंदोलन को तेज धार देने की कोशिश की गयी है |

 

महामंत्री अतुल मिश्र के द्वारा जारी सूची के मुताबिक चंद्र शेखर पांडे को संरक्षक बरकरार रखा गया है | विस्तारित सूची में सभी घटक संगठनो के सदस्यों को यथोचित पद पर समायोजित किये जाने का प्रयास किया गया है, महामंत्री अतुल मिश्र के अनुसार इससे परिषद को और आगामी आंदोलन को बहुत मजबूती प्राप्त होगी।

 

विभिन्न पदों पर अब राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उ प्र कुल 81 सदस्य हैं। इस कार्यकारिणी का विस्तार हाई पावर कमेटी द्वारा एक बैठक में किया गया जिसमें प्रमुख रूप से अध्यक्ष सुरेश रावत व महामंत्री अतुल मिश्र के अलावा संरक्षक चंद्र शेखर पांडे, संगठन प्रमुख केके सचान,वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्र, उपाध्यक्ष ज्ञान चतुर्वेदी, सुनील यादव, सर्वेश पाटिल, डा पीके सिंह, सतीश यादव आदि उपस्थित रहे।

 

आप को बता दें कि परिषद ने 21 व 22 फरवरी को हड़ताल की घोषणा कर रखी है जिसमें आवश्यक सेवाओं को भी बाधित रखा जायेगा। इसके साथ ही 14 फरवरी को प्रदेश भर के जनपद मुख्यालयों में एक दिवसीय धरना प्रांतीय पदाधिकारी के पर्यवेक्षण में किया जाना प्रस्तावित है |