Friday , July 1 2022

कोरोना वायरस की संदिग्‍ध महिला मरीज के पिता के खिलाफ एफआईआर

-भर्ती कराने घर गयी स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम से महिला के घर पर न होने की दी थी झूठी जानकारी
-एएमयू की रिपोर्ट में आयी थी पॉजिटिव, अब दूसरी रिपोर्ट का इंतजार

आगरा/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आगरा में कोरोना की संदिग्‍ध महिला के पिता जो कि रेलवे में अधिकारी हैं, के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी है। उनके खिलाफ धारा 269 और 270 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है।

इन पर आरोप है कि उनकी बेटी को जब भर्ती कराने के लिए स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम उनके घर गई तो पिता ने टीम से झूठ बोला था कि वो बंगलूरू स्थित ससुराल जाने के लिए फ्लाइट पकड़ने दिल्ली चली गई है, जबकि वो घर पर ही थी। पुलिस के आने पर उसे भर्ती कराया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वाक्या 13 मार्च को हुआ था। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने एफआईआर के आदेश दिए थे। पहले यह खबर आ रही थी कि महिला को भी नामजद कराया जाएगा। हालांकि अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विनय कुमार ने जो तहरीर दी उसमें महिला को नामजद नहीं किया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सदर बाजार के थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि आईपीसी की 269 और 270 धाराएं ऐसे कृत्य पर लगाई जाती हैं जिनसे महामारी फैलने का खतरा हो। दोनों धाराओं में दोष सिद्ध होने पर दो-दो साल कारावास का प्रावधान है।  पहले इस मामले में जांच की जायेगी, तथा साक्ष्‍यों के आधार पर ही कार्रवाई होना तय होगा। आपको बता दें कि सात साल से कम की सजा का प्रावधान वाले मामलों में विशेष परिस्थितियों को छोड़‍कर गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं है।

बताया जा रहा है कि महिला का पति बंगलूरू में में निजी कंपनी में है और उसे कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। एक माह पहले हुई शादी के बाद दंपती इटली से हनीमून मनाकर लौटे थे। शादी के बाद पहली होली के लिए वह आगरा आ गई थी तथा उसके आने के बाद पति के कोरोना पॉजिटिव होने की सूचना आई।

इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने 12 मार्च को उसका सैंपल लेकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) की लैब में भेजा,  जहां इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। हालांकि इसके आधार पर प्रशासन ने कोरोना की पुष्टि नहीं की बल्कि एक और सैंपल भिजवा दिया, जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है।

बताया जाता है कि इस बीच एएमयू की रिपोर्ट के आधार पर महिला को भर्ती कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम उसके घर पहुंची थी। आरोप है कि पिता ने कह दिया कि वह बंगलुरू जाने के लिए घर से दो घंटे पहले चली गई। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम को इस पर शक हुआ तो उसने रेलवे अफसरों से बात की। पुलिस को भी बुला लिया, तब जाकर युवती को भर्ती कराया जा सका।

इस बीच कोरोना वायरस की संदिग्ध महिला की हालत स्थिर बनी हुई है। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में बने आइसोलेशन वार्ड में चिकित्सकीय टीम की निगरानी में महिला का इलाज चल रहा है। रविवार को इसकी जांच की गई। चिकित्सकीय टीम ने रिपोर्ट बनाकर नोडल ऑफिसर और जिलाधिकारी को भी बताया है।

फि‍लहाल इस महिला का दूसरा नमूना जो जांच के लिए भेजा गया है उसकी कन्फर्म रिपोर्ट नहीं आई है। अधिकारियों के अनुसार कन्फर्म रिपोर्ट आने के बाद मरीज को दिल्ली रेफर किया जा सकता है। बताया जाता है कि सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स के अनुसार संदिग्ध मरीज की हालत ठीक है, तथा उसका इलाज आइसोलेशन वार्ड में चल रहा है।