Thursday , August 26 2021

पीएम सर, कुछ डॉक्टर करते होंगे ऐसा लेकिन सभी तो नहीं, आपको यह नहीं कहना चाहिए था

मोदी के लन्दन में दिए भाषण पर आईएमए ने जतायी नाराजगी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लन्दन दौरे में भारत की बात कार्यक्रम में डॉक्टरों के विदेश दौरों पर दिए गए बयान पर डॉक्टर नाराज हो गए हैं. मुंबई की एसोसिएशन ऑफ़ मेडिकल कंसल्टेंट्स और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि कुछ डॉक्टर जरूर ऐसा करते हैं लेकिन प्रधानमंत्री ने  लन्दन में जिस तरह से वहां जनरल तरीके से यह बात कही है, इसका असर ईमानदार डॉक्टरों पर भी पड़ा है. पीएम को वहां ऐसा नहीं कहना चाहिए था.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंदन में भारत की बात प्रोग्राम में डॉक्टरों को लेकर जो बयान दिया था उसकी आलोचना होनी शुरू हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एसोसिएशन ऑफ मेडिकल कंसल्टेंट्स (मुंबई) और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री के उस बयान पर असंतोष व्यक्त किया है जिसमें उन्होंने डाक्टरों के फर्जीवाड़े का जिक्र करते हुए उन्हें फार्मास्येटिकल कंपनियों को प्रमोट करने के लिए विदेशी अधिवेशनों में भाग लेने की सलाह दी थी। आईएमए की तरफ बोलते हुए डॉ. विनोद शर्मा ने प्रधानमंत्री के उस बयान को शर्मनाक बताया है। वहीं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डा. रवि वांखेडकर ने कहा कि भारतीय डाक्टरों को लेकर मोदी की टिप्पणी से हमसब नाराज हैं।

आईएमए के डॉ. मुकेश गुप्ता ने बताया कि ‘यह सच है कि कुछ डॉक्टरों को कंपनियां इस तरह विदेशों में भेजती हैं लेकिन प्रधानमंत्री के लंदन में इस बात का असर ईमानदार डॉक्टरों पर भी पड़ा है जो सच में लेक्चर देने के लिए विदेशों का दौरा करते हैं। शहर के ही कई डॉक्टर पिछले दिनों अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में लेक्चर देकर लौटे हैं। इस बयान से ईमानदार और मेहनती डॉक्टर गुस्से में हैं।

पीएम के बयान पर कई डॉक्टरों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मुंबई की डॉक्टर वीना पंडित ने कहा कि सभी डॉक्टरों के बारे में ऐसा कहना गलत है। पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी विदेशी दौरे पर कहा है कि डाक्टर विदेशों में मरीज का इलाज करने नहीं जाते हैं बल्कि दवाई कंपनियों से से सेटिंग करने जाते हैं। इसी बयान पर आईएमए के डॉक्टर नाराज चल रहे हैं। उनका कहना है कि पीएम ने पूरे विश्व में भारतीय डाक्टरों की बिरादरी को नीचे गिराने की कोशिश की है। डॉक्टरों का कहना है कि सरकारी संस्थान उनके हाथ में हैं लेकिन सबकुछ होते हुए भी वह जनता और गरीबों को बेहतर सेवाएं नहीं उपलब्ध करवा पा रहे हैं। लेकिन इस ओर सुधार करने के बजाय वह पूरे विश्व में भारतीय डाक्टरों की साख गिरा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1 × three =

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com