15 दिन बाद भी प्रोन्‍नति सूची जारी न होने पर फार्मासिस्‍टों ने जताया आक्रोश

प्रतिनिधिमंडल ने महानिदेशक से मिलकर की तत्‍काल सूची जारी करने की मांग

दूसरी विधाओं के फार्मासिस्‍टों ने भी बैठक में उठायीं अपनी-अपनी मांगें

लखनऊ। स्वास्थ्य महानिदेशालय में विभागीय पदोन्नति समिति की 28 मई को बैठक के 15 दिन बाद भी आज तक प्रोन्नति सूची जारी न होने पर राजकीय फार्मेसिस्ट महासंघ ने आक्रोश जताया और महानिदेशक से मांग की कि तत्काल सूची जारी की जाए । इसके साथ ही 6 व 7 जून को फार्मेसिस्ट पद पर नियुक्ति हेतु कउंसिलिंग हो चुकी है, तत्काल उनके ऑप्शन के अनुरूप नियुक्ति सूची जारी करने की भी मांग की गई। महासंघ का एक प्रनिधिमंडल अध्यक्ष सुनील यादव के नेतृत्व में कल महानिदेशक से मिला।

 

आज बलरामपुर चिकित्सालय में  सम्पन्न हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए महासंघ के अध्यक्ष सुनील यादव ने  कहा कि सभी सम्बद्ध संघों की मुख्य मांगों पर तत्काल शासन स्तर पर बैठक का अनुरोध किया जाएगा ।

 

बैठक में एलोपैथी, होम्योपैथ, वेटेनरी, आयुर्वेद यूनानी फार्मासिस्ट संवर्ग के पदों के पुनर्गठन पर विस्तृत चर्चा कर रणनीति तय की गई। उपाध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि शासनादेश के बावजूद होम्योपैथ फार्मेसिस्टों के पंजीकरण की प्रक्रिया बाधित है, महासंघ एवं वेटेनरी फार्मेसिस्ट संघ के महामंत्री अशोक कुमार ने सेवा नियमावली के प्रख्यापन में हो रहे विलंब पर चिंता व्यक्त की । संविदा फार्मेसिस्ट के अध्यक्ष प्रवीण यादव ने मांग की कि कम्युनिटी हेल्थ अफसर के पदों पर फार्मेसिस्ट को भी नियुक्त किया जाना चाहिए । आयुष संविदा संघ के अध्यक्ष अम्मार जाफरी ने कहा कि संविदा फार्मेसिस्टो की वेतन विसंगति दूर होनी चाहिए।

 

जनपद अध्यक्ष एस एन सिंह, मंत्री प्रह्लाद कन्नौजिया ने कहा कि महासंघ, जनपद के सभी संवर्गो की समस्याओं के समाधान का निरंतर प्रयास करेगा।

 

बैठक को संबोधित करते हुए संयोजक के के सचान ने ट्रॉमा सेंटर पर पद सृजन ना होने पर आक्रोश जताया। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष जे पी नायक, डीपीए जिला मंत्री वी पी सिंह, प्रवक्ता अजय पांडेय, जिला सचिव जी सी दुबे, ज्ञान चतुर्वेदी आदि उपस्थित थे।