Tuesday , July 20 2021

लोगों की जान बचाने वाले डॉक्‍टरों ने लगायी अपनी जान बचाने की गुहार

-आईएमए के तत्‍वावधान में चिकित्‍सकों ने अपनी ड्यूटी करते हुए मनाया देशव्‍यापी काला दिवस

-डॉक्‍टरों-चिकित्‍सा कर्मियों के साथ हो रही मारपीट-अभद्रता- अस्‍पतालों में तोड़फोड़ पर जताया विरोध

-केजीएमयू के कोविड अस्‍पताल में भी रेजीडेंट्स डॉक्‍टर्स ने काला फीता बांध कर की ड्यूटी

 

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। उपचार करके लोगों की जान बचाने वाले चिकित्‍सकों ने आज पूरे देशभर में अपनी जान बचाने की गुहार सरकार से लगाते हुए मेडिकल प्रोटेक्‍शन एक्‍ट के अनुसार कार्रवाई कर दोषियों को सजा देने की मांग की है, इन चिकित्‍सकों का कहना है कि देश के किसी न किसी भाग में चिकित्‍सकों पर हमले होना चिंता का विषय है, इस पर सरकार को तुरंत संज्ञान लेना चाहिये। चिकित्‍सकों पर हो रहे हमले, तोड़फोड़ जैसी घटनाओं को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के नेतृत्व में 18 जून को देशव्यापी विरोध जताते हुए काला दिवस मनाया, इसके तहत चिकित्सकों ने काला फीता, काला मास्क तो कुछ ने काले लिबास पहनकर चिकित्सकीय सेवाओं में बिना व्यवधान पैदा किए अपने कार्य को अंजाम दिया। इसी क्रम में आई एम ए की लखनऊ शाखा द्वारा आईएमए भवन पर विरोध-प्रदर्शन किया गया। दूसरी ओर केजीएमयू के आरएएलसी स्थित कोविड अस्‍पताल में भी ड्यूटी कर रहे रेजीडेंट्स डॉक्‍टर्स वेलवेयर एसोसिएशन के डॉक्‍टरों द्वारा भी काला फीता बांधकर विरोध जताते हुए अपनी ड्यूटी की गयी।

आज डॉक्‍टरों को जान बचाने के लाले : डॉ सूर्यकांत

यहां रिवर बैंक कॉलोनी स्थित आईएमए भवन पर प्रदर्शन में शामिल आईएमए-एएमएस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेशनल वाइस चेयरमैन डॉ सूर्यकांत ने कहा कि‍ चिकित्सक दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए होता है, लेकिन आज हालात ऐसे हो रहे हैं कि डॉक्‍टरों के खुद की जान बचाने के लाले पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि‍ वर्ष 2018 में जब वह आईएमए लखनऊ के अध्‍यक्ष थे, तब तत्‍कालीन पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह से मिलकर चिकित्‍सकों की सुरक्षा को लेकर वर्ष 2013 में बने मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट की जानकारी थानास्‍तर तक भेजवाने में सफल हो पाये थे, लेकिन अफसोस है कि उस कानून के तहत किसी भी आरोपी को सजा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि देश में कोरोना काल में पूरे सेवा भाव से देश भर में चिकित्‍सकों ने कार्य किया, जिसमें 1372 चिकित्सक शहीद हो गए, इसके बाद भी आज चिकित्सक लोगों की गालियां खा रहे हैं, मार खा रहे हैं।

पीएम-सीएम रक्षा करें, जनता से भी मेरी अपील : डॉ रमा श्रीवास्‍तव

आई एम ए लखनऊ की अध्यक्ष डॉ रमा श्रीवास्तव ने कहा कि अत्‍यन्‍त शर्मनाक स्थिति है कि कोरोना काल में पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने के बावजूद आज भी कुछ लोग डॉक्टर्स के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं, गाली देते हैं, उनके अस्पताल को नुकसान पहुंचाते हैं, मारपीट करते हैं। उन्होंने कहा कि अभी हाल में एक घटना आसाम में हुई जिसमें डॉक्टर को इतना पीटा गया कि उसके कई जगह फैक्चर हो गए। उन्होंने कहा कि आज भी जब हम विरोध जता रहे हैं, तब भी हमने मरीजों के किसी कार्य को प्रभावित नहीं किया। उन्होंने कहा हमारी प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री से अपील है कि कठोर कानून बनाकर हमारी रक्षा करें। उन्होंने कहा कि मेरी मीडिया के माध्यम से जनता से भी अपील है कि डॉक्टर एवं हेल्थ वर्कर के साथ किसी प्रकार का अभद्र व्यवहार व तोड़फोड़ न करें।

प्रदर्शन में शामिल होने वाले चिकित्सकों में डॉ सूर्यकांत, डॉ रमा श्रीवास्तव के साथ ही वीमेन डॉक्टर्स विंग की नेशनल वाइस चेयरपर्सन डॉ रुखसाना खान, आईएमए लखनऊ के पूर्व अध्यक्ष डॉ पी के गुप्ता, उपाध्यक्ष डॉ मनोज अस्थाना, सचिव डॉ जेडी रावत, प्रेसिडेंट इलेक्‍ट डॉ मनीष टंडन, संयुक्त सचिव डॉ वारिजा सेठ, प्रवक्ता डॉ प्रांजल अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य डॉ राकेश श्रीवास्तव, डॉ सुमित सेठ, डॉ राका प्रसाद, डॉ संजय निरंजन, डॉ निधि निरंजन, डॉ मनोज गोविला, डॉ वीरेन्‍द्र यादव, डॉ अपेक्षा विश्नोई, डॉ जगदीश वर्मा, डॉ लोकेश, डॉ उत्कर्ष त्रिपाठी, डॉ विनोद कुमार तिवारी, डॉ सीमा तिवारी, डॉ अभिषेक शुक्ला, डॉ आशुतोष कुमार सहित अनेक मेडिकोज उपस्थित रहे।

 

रेजीडेंट्स डॉक्‍टर्स भी पीछे नहीं

इसी क्रम में किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय की रेजिडेंट डॉक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने भी काला फीता बांधकर विरोध जताया। इनमें मुख्य रूप से जनरल सेक्रेटरी डॉ सौरभ श्रीवास्तव, डॉ दिव्यांगी पांडे, डॉ अमन सिरोही, डॉ कृष्ण कुमार शामिल रहे। यह सभी आरएएलसी स्थित कोविड हॉस्पिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। निजी क्षेत्र में भी विरोध प्रदर्शन के क्रम में पीके पैथोलॉजी पर भी प्रदर्शन किया गया।

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