डॉक्‍टर ने बताया, जाड़े में नमक का सेवन क्‍यों कम करना चाहिये

स्‍वास्‍थ्‍य और सौंदर्य का संगम दिखा एआईसीबीए की सीएमबीई में

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। सर्दी के मौसम में लोगों विशेषकर बजुर्गों द्वारा बीमार होने से बचने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों से लेकर भारतीय पारम्‍परिक परिधान साड़ी को आकर्षक तरीके से कैसे पहना जाये, तक स्‍वास्‍थ्‍य एवं सौंदर्य के बारे में रविवार को ऑल इंडिया कॉस्‍मेटोलॉजिस्‍ट्स एंड ब्‍यूटीशियंस एसोसिएशन (एआईसीबीए) द्वारा आयोजित सतत चिकित्‍सा सौंदर्य शिक्षा (सीएमबीई) में जानकारियां दी गयीं।

यहां रॉयल कैफे में आयोजित इस सीएमबीई में संस्‍था के अध्‍यक्ष केजीएमयू के प्‍लास्टिक सर्जरी विभाग के विभागाध्‍यक्ष डॉ एके सिंह और संस्‍था की जनरल सेक्रेटरी आईएमए की प्रेसीडेंट इलेक्‍ट डॉ रमा श्रीवास्‍तव ने कार्यक्रम के आरम्‍भ में आये हुए चिकित्‍सकों का स्‍वागत करते हुए सीएमबीई की रूपरेखा बतायी। डॉ रमा श्रीवास्‍तव ने आगामी 12 जनवरी, 2020 को होने वाली 18वीं वार्षिक कॉन्‍फ्रेंस एआईसीबीएकॉन-20 में भाग लेने का आह्वान करते हुए इसके लिए जल्‍द से जल्‍द औपचारिकता पूरा करने का अनुरोध किया।

पैर गरम, हाथ नरम, सिर ठंडा रखना चाहिये

कार्यक्रम में डॉ संजय अरोरा ने कहा कि सर्दी के मौसम में चूंकि पसीना नहीं निकलता है इसलिए नमक कम खाना चाहिये, पसीना कम निकलने से शरीर में नमक की मात्रा ज्‍यादा रहती है, जिससे हाई ब्‍लड प्रेशर की शिकायत बढ़ जाती है, इसलिए अपना ब्‍लड प्रेशर चेक कराते रहें।

उन्‍होंने कहा कि आपने देखा होगा ठंड के कारण हाथ नीले पड़ जाते हैं इसलिए ज्‍यादातर गरम पानी इस्‍तेमाल करना चाहिये, बरतन वगैरह धोते समय ग्‍लब्‍स का इस्‍तेमाल किया जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि देखा गया है कि बुजुर्गों को हार्ट अटैक का डर सुबह के समय ज्‍यादा रहता है, इसलिए ध्‍यान रखें, पैर वगैरह गरम रखें, इसके लिए मोजे का इस्‍तेमाल करें, इसे पहन कर रात में सो भी सकते हैं। डॉ अरोरा ने कहा कि पुरानी कहावत है कि जाड़ों में पैर गरम, हाथ नरम तथा सिर ठंडा रखना चाहिये, इससे व्‍यक्ति स्‍वस्‍थ रह सकता है।

11 बजे से 3 बजे के बीच धूप में जरूर बैठें

उन्‍होंने बताया कि प्‍यास नहीं लगती है तो व्‍यक्ति पानी कम पीता है लेकिन ऐसा नहीं है, पानी पर्याप्‍त मात्रा में पीते रहें, एक प्रश्‍न के उत्‍तर में उन्‍होंने बताया कि दिन भर खूब पानी पीयें, लेकिन रात को सोते समय ज्‍यादा पानी न पीयें। उन्‍होंने कहा कि धूप का सेवन जरूर करें, पूर्वान्‍ह 11 बजे से अपरान्‍ह 3 बजे के बीच धूप में बैठें, इसके लिए चाहें तो धूप में भोजन कर सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि विटामिन डी की कमी पूरी करने के लिए माह में एक बार विटामिन डी की गोली खायी जा सकती है और अगर विटामिन डी की कमी ज्‍यादा है तो चिकित्‍सक की सलाह पर महीने में चार गोलियां भी खायी जा सकती हैं।

डॉ अरोरा ने कहा कि टहलने के लिए सुबह-सुबह न निकलें, जब सूरज उदय हो जाये तब भी टहलने निकलें, दरअसल अल सुबह टहलने का उद्देश्‍य लोगों का पौधों से निकलने वाली ऑक्‍सीजन को लेना होता है, लेकिन आप को बता दें कि सूरज की किरण पड़ने पर ही पेड़-पौधों से ऑक्‍सीजन निकलती है।

नहाने का पानी न ज्‍यादा ठंडा, न ज्‍यादा गरम

इस मौके पर गायनाकोलॉजिस्‍ट डॉ तृप्ति बंसल ने नहाने के लिए गरम पानी का प्रयोग करने पर जोर देते हुए कहा कि बहुत से लोग नहाने के लिए ठंडे पानी का ही प्रयोग करते हैं लेकिन जाड़ों में गरम पानी से नहाना ही श्रेयस्‍कर है। उन्‍होंने कहा कि नहाने वाले पानी का तापमान न ज्‍यादा ठंडा हो न ज्‍यादा गरम हो। इसी प्रकार एक प्रश्‍न के उत्‍तर में उन्‍होंने कहा कि पीने के लिए गुनगुना पानी का इस्‍तेमाल करना चाहिये लेकिन बहुत ज्‍यादा मात्रा में पानी पीना ठीक नहीं है।

साड़ी को बना दिया लहंगा

इस मौके पर ब्‍यूटीशियन साधना जग्‍गी और रश्मि मेहान ने बताया कि पार्टी में अलग-अलग तरह की स्‍टाइल से साड़ी पहनी जा सकती है, उन्‍होंने लहंगा साड़ी, तारा साड़ी, मुमताज साड़ी, स्‍कर्ट साड़ी किस तरह पहने इसके बारे में बताया। साधना और रश्मि ने मौके पर मौजूद लोगों को स्‍टाइलिस्‍ट साड़ी पहनाना भी सिखाया। लहंगा साड़ी जब पहनायी गयी तो लग ही नहीं रहा था साड़ी को लहंगा का रूप दिया गया है।

रोज 15 सिगरेट पी रहे हैं हम

नितेश दीक्षित ने वायु प्रदूषण के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि लखनऊ की बात करें तो हम लोग प्रतिदिन 15 सिगरेट से निकलने वाले धुएं के बराबर दूषित कण सांस के द्वारा ले रहे हैं। उन्‍होंने मशीन के द्वारा किस तरह से वातावरण में मौजूद पीएम 2.5 का लेवल कम किया जाता है, इसके बारे में जानकारी दी। संदीप आहूजा ने जीवन में सफलता के लिए तीन सूत्र अपने लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने के लिए कम्‍फर्ट जोन छोड़ना, लक्ष्‍य कैसे पूरा होगा इस पर विचार करना और उस लक्ष्‍य को पूरा करने के लिए उसे किसी न किसी कारण से जोड़ने की सलाह दी। मुम्‍बई से आये आकृष्‍ट गुप्‍ता ने शरीर को फि‍ट और स्‍वस्‍थ रखने के बारे में जानकारी दी। डॉ प्रतिभा मिश्रा ने योग से निरोग कैसे रहे इसके बारे में बताते हुए योग का महत्‍व बताया, उन्‍होंने कहा कि योग का मतलब ही जोड़ना होता है, इसलिए मानव को ईश्‍वर से जोड़ना सिखाता है। उन्‍होंने बताया कि उन्‍होंने कई प्रकार के रोग योग से ही ठीक किये हैं।

सीएमबीई का समापन सचिव रश्मि मेहान ने आये हुए एक्‍सपर्ट और अन्‍य चिकित्‍सक सहित सभी लोगों का धन्‍यवाद देने के साथ हुआ। इस मौके पर डॉ मनोज श्रीवास्‍तव, डॉ मनोज कुमार आदि उपस्थित रहे।