Saturday , November 26 2022

दस वर्ष की बच्‍ची की डायलिसिस कर जान बचायी

अजंता हॉस्पिटल के विशेषज्ञ ने जुगाड़ करके तैयार की ट्यूब
इमरजेंसी में पहुंची बच्‍ची की हालत अब पहले से बेहतर
डॉ दीपक दीवान

लखनऊ। मात्र दस वर्ष की आयु और 20 किलोग्राम वजन की बच्‍ची जिसकी दोनों किडनी खराब हो गयी हैं, की सफलतापूर्वक हीमोडायलिसिस करने में डॉक्‍टरों ने सफलता प्राप्‍त की है। यह सफल डायलिसिस यहां आलमबाग स्थित अजन्‍ता हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉ दीपक दीवान व उनकी टीम द्वारा की गयी है।

इस बारे में डॉ दीवान से ‘सेहत टाइम्‍स’ को बताया कि बच्‍ची को सोमवार रात में गम्‍भीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जांच करने पर मालूम पड़ा कि उसके दोनों गुर्दे काम नहीं कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि हम लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्‍ची की जान बचाने के लिए डायलिसिस करने की थी। चूंकि आमतौर पर बच्‍चों की डायलिसिस में काफी दिक्‍कतें आती हैं, खून की कमी से लेकर इसमें इस्‍तेमाल होने वाले छोटे ट्यूब नहीं मिलते हैं।

डॉ दीवान ने बताया कि आज यानी मंगलवार को हम लोगों ने यह प्‍लान किया कि कैसे भी हो, बच्‍ची की जान बचाने के लिए डायलिसिस तो करनी ही है। उन्‍होंने बताया कि अन्‍य सामान तो फि‍र भी मिल जाते हैं लेकिन ट्यूब के लिए हम लोगों ने बड़े ट्यूब को काटकर एडजस्‍ट करते हुए बच्‍ची की डायलिसिस लायक बनाया। उन्‍होंने बताया कि लगातार गहन निगरानी करते हुए बच्‍ची की करीब डेढ़ घंटा हीमोडायलिसिस की गयी। उन्‍होंने कहा कि बच्‍ची की हालत में अब पहले से सुधार है, लेकिन अब उसका आगे किस तरह इलाज किया जाये इसके लिए जांच आदि करवायी जा रही हैं, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही आगे के इलाज की योजना तैयार की जायेगी।