डर दिखाकर नहीं, मरीज के अंदर इच्छा जगाकर छुड़वायें तम्‍बाकू

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर निर्वाण हॉस्पिटल व होप इनीशिएटिव ने संयुक्‍त रूप से आयोजित की कार्यशाला

लखनऊ। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के मौके पर गुरुवार को लखनऊ के निर्वाण मानसिक एवं नशा रोग चिकित्सा हॉस्पिटल, कल्याणपुर, रिंग रोड, लखनऊ द्वारा होप इनिशिएटिव संस्था के साथ नर्सिंग छात्र-छात्राओं के लिए कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम में सरस्वती मेडिकल कॉलेज से सबद्ध बी.एस.एम. स्कूल ऑफ़ नर्सिंग के सभी छात्र-छात्राओं को तम्बाकू एवं सम्बंधित उत्पादों से होने वाले स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों से अवगत कराया। इसमें बताया गया की, हर वर्ष लाखों लोग अपनी जान से हाथ गवां दे रहे हैं और सभी नर्सिंग  छात्र-छात्राओं का कर्तव्‍य है कि उन्हें ऐसा करने से रोकें।

 

कार्यक्रम में कल्याणपुर, रिंग रोड स्थित निर्वाण मानसिक एवं नशा रोग चिकित्सा हॉस्पिटल के मनोचिकित्सक डॉ. दीप्तांशु अग्रवाल  ने सभी नर्सिंग छात्र-छात्राओं को तम्बाकू एवं अन्य नशों को करने एवं रोकने के मनोवैज्ञानिक कारणों से अवगत कराया। उन्होंने कहा की अक्सर सभी तम्बाकू का प्रयोग करने वाले व्यक्ति को कैंसर इत्यादि का डर दिखाते हैं, जो असलियत में उतना कारगर साबित नहीं होता है। उन्होंने कहा ही जरुरत है मरीज के अन्दर नशा छोड़ने की इच्छा जागृत करने की और उसको किसी प्रोफेशनल की मदद दिलाने की। यदि मरीज खुद से तम्बाकू या अन्य नशे छोड़ने में इच्छुक है, पर नही कर पा रहा है, तो उसे किसी मनोचिकित्सक या मनोवैज्ञानिक के परामर्श से मदद मिल सकती है | उन्होंने सभी नर्सिंग छात्र-छात्राओं को बताया कि इफेक्टिव काउंसलिंग कैसे की जा सकती है, जिससे आगे तम्बाकू का उपयोग करने वाले सभी मरीजों को डेंटल छात्र-छात्राओं उचित काउंसलिंग दे सकें।

कार्यक्रम में निर्वाण हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. प्रांजल अग्रवाल ने कहा कि स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं के अलावा व्यक्ति की निजी जिंदगी में भी बहुत दुष्प्रभाव पढ़ते हैं जिसमे मुख्यता अंतर-व्‍यक्तित्‍व समबन्धों में समस्याएं आना शुरू हो जाती हैं। उन्होंने कहा की शुरू में नशे करने वाले व्यक्ति को इसका आभास नहीं होता, लेकिन जब तक होता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि इन सबके अलावा मरीज के सोचने समझने की क्षमता में कमी आ जाती है, जिससे वो हताश-निराश एवं अवसाद जैसी स्तिथियों में भी पहुंच जाता है | उन्होंने कहा की परिजनों को ज़रूरत है ऐसे व्यक्ति को सहयोगात्मक रवैय्या अपनाते हुए प्रोफेशनल हेल्प दिलवाने की।

 

होप इनिशिएटिव संस्था के प्रबंधक जयदीप धोंदियाल ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से तम्बाकू उत्पादों में होने वाली तम्बाकू की मात्रा एवं उनके दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला, और अवगत कराया कि होप संस्था द्वारा कैसे जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं। इस कार्यशाला में निर्वाण के मनोवैज्ञानिक साक्षी जौहरी, होप इनिशिएटिव संस्था के प्रबंधक जयदीप धोंदियाल, समन्वयक रेशमा समी,बी.एस.एम. स्कूल ऑफ़ नर्सिंग के सभी छात्र-छात्राएं, शिक्षक, एवं स्टाफ मौजूद रहे |