शिक्षा के स्तर में कमी  देश के निर्माण के लिए घातक

शिक्षक दिवस पर केजीएमयू में शिक्षकों को किया गया सम्‍मानित, पूर्व शिक्षक भी जुटे

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्‍व विद्यालय में आज शिक्षक दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन ब्राउन हाल में किया गया। इस अवसर पर प्रो0 हरि गौतम, पूर्व कुलपति, किंग जार्ज चिकित्सा विश्‍व विद्यालय मुख्य अतिथि तथा प्रो0 अब्बास अली मेहदी,  कुलपति, एरा विश्‍व विद्यालय, लखनऊ विशिष्‍ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर चिकित्सा विश्‍व  विद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षक, डा0 गिरीश चन्द्रा, निष्चेतना विभाग तथा डा0 पी0 के0 शर्मा, एनाटमी विभाग को इनके द्वारा विश्‍व विद्यालय में प्रदान की गयी सेवाओं के लिए इनका अभिनन्दन करते हुए पुरस्कृत किया गया तथा चिकित्सा विश्‍व विद्यालय प्रो0 प्रदीप टण्डन, प्रास्थो डॉन्टिक्स विभाग को वर्ष 2016 में डा0 बी0सी0 राय अवार्ड से सम्मानित किये जाने तथा डा0 नीनी श्रीवास्तव, फिजियोलॉजी विभाग को रिसर्च क्षेत्र में भारतीय चिकित्सा परिषद के श्रीहरि ओम आश्रम एलम्बिक रिसर्च पुरस्कार प्राप्त होने के उपलक्ष्य में इनका अभिनन्दन किया गया।

 

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रो0 हरि गौतम द्वारा अपने सम्बोधन में डा0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन का उल्लेख करते हुए बताया कि डा0 राधाकृष्णन द्वारा कहा गया था कि शिक्षण एक पेशा न होकर एक उद्देश्‍य है और ये ऐसे ही कार्य करने के लिए प्रेषित किया गया। प्रो0 गौतम द्वारा कहा गया इस प्रोफेशन में अनुभव सदैव काम आता है उन्‍होंने आह्वान किया कि हमेशा एक अच्छे शिक्षक के रूप में उभर कर सामने आयें।

 

इस अवसर पर कुलपति प्रो0 एमएलबी भट्ट द्वारा सभी को सम्बोधित करते हुए दे्श के निर्माण में शिक्षा के स्तर के महत्व को समझते हुए शिक्षा के स्तर में कमी को देश के निर्माण के लिए घातक तथा इसके विपरीत शिक्षा के स्तर में बढ़ोतरी को देश के निर्माण के लिए सहायक बताया गया। कुलपति द्वारा विश्‍व विद्यालय के शिक्षकों की उनके उत्कृष्ट शैक्षिक एवं चिकित्सकीय कार्यो की प्रशंसा करते हुए इन्हें इनको सौपें गये चिकित्सक जैसे अतिमहत्वपूर्ण दायित्वों को कुशलतापूर्वक निर्वाह किये जाने के लिए भी अनुरोध किया गया।

 

इस अवसर पर डॉ विनोद जैन की लिखी दो किताबों का विमोचन भी किया गया। इनमें चिकित्‍सा कर्मियों को मरीज के उपचार करने के दौरान होने वाले संक्रमण पर आधारित ‘चिकित्साकर्मियों में संक्रमण की रोकथाम’ और दूसरी स्‍तन के रोगों पर आधारित ‘स्तन के रोग’ है।

 

उक्त समारोह में चिकित्सा विश्‍व विद्यालय में उत्कृष्ट कार्य के लिए सेवाओं हेतु विश्‍व विद्यालय चिकित्सकों डा0 नितिन दत्त भारदवाज, सहायक आचार्य अस्पताल प्रशासन विभाग,डा0 रिचा खन्ना सहआचार्य पीडियाट्रिक  एवं प्रीवेन्टिव डेन्स्ट्रिी विभाग, डा0 सुजातादेव,आचार्य, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, डा0 अक्षय आनन्द,  सहायक आचार्य जर्नल सर्जरी विभाग, दिलीप कुमार वर्मा, सहायक आचार्य, फिजियोलॉजी विभाग इनके उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रोत्साहन पुरस्कार स्वरूप प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।

 

उपरोक्त कार्यक्रम में प्रो0 मन्सूर हसन एवं चिकित्सा विशव विद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षक, वर्तमान चिकित्सा शिक्षक, छात्र-छात्रायें एवं कर्मचारीगण उपस्थिति रहे।