कोरोना वायरस : सीबीएसई ने अपनी शेष परीक्षाओं को लेकर जारी किये विशेष दिशा निर्देश

-इंतजाम न हो पाये तो टिशू पेपर और रबर बैंड से बना लें मास्‍क
-बैठने की व्‍यवस्‍था से लेकर सफाई व बचाव को सुनिश्चित करने को कहा

लखनऊ। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कोरोना वायरस को लेकर तेजी से बदल रहे घटनाक्रम के बीच सीबीएसई परीक्षाओं के केंद्र अधीक्षकों को पत्र लिखकर बची हुई परीक्षाएं संपन्न कराने के लिए आवश्‍यक उपायों को सख्‍ती के साथ लागू कराने को कहा है।

16 मार्च को जारी अपने पत्र में सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ संयम भारद्वाज ने कहा है कि कोविड-19 कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव के बीच यह स्पष्ट करना है कि अब तक 165 विषयों की परीक्षाएं हो चुकी है जबकि 51 विषयों की परीक्षाएं बाकी हैं, ये परीक्षाएं 17, 18,  20, 21 23 और 24 मार्च को होनी हैं। इन परीक्षाओं में करीब 3000 से 58000 अभ्‍यर्थी हिस्सा लेंगे। अपने पत्र में परीक्षा नियंत्रक ने कहा है कि सभी केंद्र व्यवस्थापक इस संबंध में जारी निर्देशों का पालन करें, इसके तहत कम से कम 1 मीटर की दूरी पर विद्यार्थियों को बैठने की व्यवस्था करें और अगर कमरे के आकार के अनुसार यह संभव ना हो तो एक कमरे में 12 बच्चे बैठाने की व्यवस्था करते हुए अलग से कमरों की व्यवस्था करें। ऐसी स्थिति में 24 बच्चों के एक कमरे के लिए जो दो कक्ष निरीक्षकों की व्‍यवस्‍था है, उन्‍हें 12-12 विद्यार्थियों पर एक-एक के हिसाब से किया जा सकता है। यह भी कहा गया है कि अगर क्लास रूम की संख्या कम हो तो दूसरे कमरे जैसे लाइब्रेरी, ऑडिटोरियम लेबोरेटरी आदि का प्रयोग किया जा सकता है।

इसके अलावा सभी सहायक अधीक्षक अपनी ड्यूटी के दौरान अपनी नाक और मुंह को मास्क, रूमाल या साधारण कपड़े से ढंक कर रखेंगे, इसके अतिरिक्त सैनिटाइजर की व्यवस्था के साथ-साथ केंद्र पर साफ-सफाई भी सुनिश्चित की जाये। यह भी कहा गया है कि अगर कोई अभ्यर्थी को खांसने-छींकने की शिकायत मिले तो उसे मास्‍क पहनाया जाए अगर मास्क ना हो तो तुरंत ही टिशू पेपर व रबर बैंड से मास्‍क तैयार करके बनाया जाए। मास्‍क लगाये जाने के बाद भी यदि अभ्यर्थी को लगातार खांसी आ रही हो तो उसे अलग परीक्षा कक्ष में बैठाने की व्यवस्था की जाए।

इसके अलावा सभी वॉशरूम में साबुन और पानी की समुचित व्यवस्था, डस्टबिन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये तथा भारत सरकार द्वारा जो एडवाइजरी जारी की गई है उसका पालन सुनिश्चित किया जाये।