देहदान : केजीएमयू को दान में मिली 84 वर्षीया महिला की देह

-13 वर्ष पूर्व कुसुम गर्ग ने कराया था देहदान के लिए पंजीकरण

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी 84 वर्षीय कुसुम गर्ग का आज 1 मार्च को देहावसान होने के बाद उनकी इच्‍छा के अनुरूप घरवालों ने किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय को देहदान किया।

पुत्र पराग गर्ग ने बताया कि उनकी मां ने 13 वर्ष पूर्व अपना शरीर दान करने का निर्णय लिया था। उनकी इच्‍छा के अनुरूप उनकी देह आज केजीएमयू को दान दे दी गयी। उन्‍होंने बताया कि उनके परिवार समाजसेवा की भावना बहुत पहले से है। उन्‍होंने बताया‍ कि उनकी मां ने घर की कुर्सी मेज से एक स्‍कूल शुरू किया था जिसकी सम्‍बद्धता बाद में सरस्‍वती शिशु मन्दिर से कर दी गयी थी।

पराग गर्ग भी सामाजिक संस्‍थाओं से जुड़े हैं, 32 वर्षों से लायन्‍स क्‍लब से जुड़े हैं तथा लखनऊ इलेक्ट्रिक मर्चेन्‍ट एंड कॉन्‍ट्रेक्‍टर्स एसोसिएशन के अध्‍यक्ष भी हैं। उन्‍होंने बताया कि उनके पिता प्रेम मोहन गर्ग की वर्ष 2009 में मृत्‍यु होने के बाद उनकी आंखें भी दान की गयी थीं। उन्‍होंने बताया कि उनके पिता आचार्य नरेन्‍द्र देव लाइब्रेरी के संस्‍थापकों में एक थे।

पराग ने बताया कि मां का देहान्‍त आज सुबह ही हुआ था। उसके बाद कोविड टेस्‍ट की औपचारिकता पूरी की गयी तथा देहदान की औपचारिकता पूरी की गयीं।