बड़ी राहत : परिवहन कागजों को लेकर सरकार ने जारी किये महत्‍वपूर्ण निर्देश

डिजीलॉकर या एम परिवहन ऐप में उपलब्‍ध कागज हैं मान्‍य, कागजों को भौतिक रूप से न करें जब्‍त
                                                                                                             file photo curtsey thehindu

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। आजकल सरकार द्वारा मोटर वाहन चालकों पर यातायात नियम तोड़ने के लिए बड़े-बड़े चालान काटे जाने की खबरें बढ़ गयी हैं, इसकी वजह इस नियम को सख्‍ती से लागू करना है। वे व्‍यक्ति जो सिर्फ आवश्‍यक कागजों को दिखा न पाने के कारण जुर्माना का‍ शिकार हो रहे हैं, उनकी सहूलियत के लिए उत्‍तर प्रदेश सरकार ने दो दिन पूर्व परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से परिवहन आयुक्‍त एवं पुलिस महानिदेशक को एक निर्देश जारी किया है जिसमें कहा गया है कि डिजीलॉकर या एम परिवहन एप में दर्ज परिवहन कागजों की डिजिटल कॉपी मान्‍य है। यह भी निर्देश दिये गये हैं कि कागजों की हार्डकॉपी को चेकिंग अधिकारी जब्‍त न करें।

9 सितम्‍बर को जारी इस पत्र में कहा गया है कि 31 जनवरी, 2019 के शासनादेश के अनुसार डिजीलॉकर या एम परिवहन ऐप पर उपलब्‍ध वाहनों के अभिलेखों को क्षेत्रीय पुलिस एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा वैध माने जाने के निर्देश दिये गये हैं। पत्र में कहा गया है कि भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के 8.8.2018 को जारी परिपत्र के अनुसार मोटरयान अधिनियम 1988 के अनुसार डिजीलॉकर या एम परिवहन ऐप पर उपलब्‍ध परिवहन डॉक्‍यूमेंट जैसे पंजीयन प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस आदि मान्‍य हैं।

पत्र में यह भी निर्देश दिये गये हैं कि प्रवर्तन कार्य के समय अगर डॉक्‍यूमेंट्स को जब्‍त करना आवश्‍यक हो तो प्रवर्तन अधिकारी डॉक्‍यूमेंट्स को ई चालान सिस्‍टम द्वारा जब्‍त किया जाये, किसी भी अभिलेख को भौतिक रूप से जब्‍त करने का अधिकार नहीं है। पत्र में कहा गया है कि इस नियम को बारे में सम्‍बन्धित अधिकारियों तक अवश्‍य निर्देशित किया जाये, जिससे कि वाहन चालकों को अनावश्‍यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।