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सावधान ! कॅरियर के चक्‍कर में संतान प्राप्ति की योजना टालना महंगा न पड़ जाये

अनेक दम्‍पतियों की बगिया में आईवीएफ तकनीक से फूल खिलाने वाली एक्‍सपर्ट डॉ गीता खन्‍ना ने ‘बांझपन उपचार प्रबंधन’ पर सेमिनार में दी सलाह

लखनऊ। व़रिष्‍ठ प्रसूता रोग विशेषज्ञ और आईवीएफ एक्सपर्ट डॉ गीता खन्ना ने कहा है कि प्रदूषण, तनाव, मोटापा, यौन संचारित रोग, टीबी, पीसीओडी, आधुनिक जीवनशैली के कारक जैसे शराब सेवन, धूम्रपान, विवाह में देरी, दंपतियों की अलग-अलग शिफ्ट के घंटे, कॅरियर के आगे संतान प्राप्ति टालना और अंडाशय की खराब होती गुणवत्ता आगे जाकर बांझपर के कारण बनते हैं।

 

डॉ गीता ने यह बात बुधवार को अजंता होप सोसाइटी द्वारा ‘बांझपन उपचार प्रबंधन’ पर एक सेमिनार का आयोजन के मौके पर कही। इसमें डॉ गीता खन्ना ने 50 निसंतान दंपतियों को काउंसलिंग के दौरान उम्मीद की एक किरण जगाई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य था समाज के सभी वर्गों चाहे वो गांव के हों या फिर शहरी या बॉलीवुड-हॉलीवुड की कोई हस्ती में बांझपन के प्रति जागरूकता पैदा करना।

 

डॉ गीता ने कहा कि वे सौभाग्यशाली दंपति हैं जो समय रहते आईवीएफ विशेषज्ञ के पास जाते हैं और संतान का सुख पाते हैं। आईवीएफ के क्षेत्र में कॅरियर संवार रहे तीन दर्जन से भी अधिक युवा डॉक्टर भी इस सेमिनार का हिस्सा बने जो बुधवार देर शाम तक चला।

डॉ गीता खन्ना ने बताया कि हार्मोन प्रबंधन सलाह और आईवीएफ(टेस्ट टयूब बेबी) में आधुनिक तकनीक उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में कई उदास दंपतियों के चेहरे खिलाने में सफल रही है। सेमिनार के सत्र के दौरान क्वीन मेरी की पूर्व प्रोफेसर डॉ इंदु टंडन और हिंद मेडिकल कॉलेज के प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. एडी द्विवेदी ने भी अपना व्याख्यान दिया। इससे पूर्व कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए महापौर संयुक्ता भाटिया ने अजंता हॉस्पिटल की तारीफ करते हुए कहा कि कैसे 5000 दंपतियों के जीवन में यहां आने से उजियारा फैल गया।

 

सेमिनार के दौरान आईवीएफ के कई पुराने मरीज रूबरू हुए युवा निसंतान जोड़ों से और उन्होंने आईवीएफ संबंधी तमाम भ्रांतियां दूर कीं। आईवीएफ के ये पुराने जोड़े बाल दिवस मनाने अजंता अस्पताल आए थे। इस मौके पर रौनक बिखेर रहे थे एक माह से 18 साल के बीच के 150 आईवीएफ बच्चे जो इस सत्र के प्रतिभागी रहे। इस दिन को यादगार बनाने के लिए फोटो शूट के साथ कई खेल, क्विज और ज्ञानवर्द्धक प्रतियोगिताएं भी हुईं। आपको बता दें कि आईवीएफ तकनीक से जन्‍मे इन प्यारे-प्यारे बच्चों का जमावड़ा हर साल बाल दिवस के मौके पर अजंता हॉस्पिटल में लगता है।

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