Friday , May 8 2026

केजीएमयू में लव जिहाद प्रकरण के आरोपी डॉ रमीज की जमानत याचिका खारिज

-दिसम्बर 2025 में हिन्दू महिला रेजीडेंट डॉक्टर की आत्महत्या की कोशिश के बाद सामने आया था मामला

बर्खास्त रेजीडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन उर्फ रमीज

सेहत टाइम्स

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के पैथोलॉजी विभाग की हिन्दू महिला रेजीडेंट डॉक्टर का शोषण और उस पर धर्मान्तरण का दबाव बनाने के आरोपी बर्खास्त रेजीडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज की जमानत याचिका लखनऊ के सेशन कोर्ट ने खारिज कर दी है। 6 मई, 2026 दिये अपने आदेश में अदालत ने कहा कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, मामले के तथ्यों और परिस्थितियों, आवेदक को सौंपी गई भूमिका, अपराध की गंभीरता और प्रकृति तथा इसके लिए निर्धारित दंड को ध्यान में रखते हुए, ज़मानत के आधार पर्याप्त नहीं पाए गए हैं, ऐसे में यह ज़मानत याचिका अस्वीकार किए जाने योग्य है।

ज्ञात हो लगभग पांच माह पूर्व दिसम्बर 2025 में केजीएमयू के पैथोलॉजी विभाग में तैनात हिन्दू महिला रेजीडेंट डॉक्टर द्वारा आत्महत्या के प्रयास के बाद लव जिहाद प्रकरण उजागर हुआ था। पता चला था कि महिला रेजिडेंट ने जब धर्मान्तरण का विरोध किया तो प्रेमी ने उसे छोड़ दिया। इसके बाद ही मानसिक रूप से परेशान महिला रेजिडेंट ने गोलियां खाकर खुदकुशी की कोशिश की थी।

ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराये जाने के बाद इसकी जान बच गयी। इसके बाद पीडि़ता हिन्दू महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से मिलकर अपनी आपबीती सुनायी थी, इसके अलावा पीड़िता के परिजनों ने मुख्यमंत्री जन सुनवाई पोर्टल व राज्य महिला आयोग में शिकायत की थी।

इस प्रकरण में केजीएमयू प्रशासन ने विशाखा कमेटी की जांच के बाद की गयी सिफारिश के बाद आरोपी रेजीडेंट डॉक्टर रमीज उर्फ रमीजुद्दीन को बर्खास्त करने की सिफारिश महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को भेजी थी।