अजब संयोग : नवरात्रि में कन्‍या के ऑपरेशन से केजीएमयू में शुरू हुई आयुष्‍मान भारत योजना

फेफड़े में जाने वाली खुली नली को बंद करने के लिए किया गया ऑपरेशन

गर्भावस्था के दौरान की इस नली को प्रसव उपरांत बंद हो जाना था

लखनऊ। आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गुरुवार को केजीएमयू के कार्डियोवैस्कुलर एवं थोरेसिक सर्जरी विभाग (सीवीटीएस) विभाग में पहली सर्जरी की गयी। यह भी एक इत्‍तफाक है कि आजकल नवरात्रि चल रही हैं और आयुष्‍मान योजना के तहत केजीएमयू में हुई पहली सर्जरी एक कन्‍या की ही हुई। तकरोही निवासी 10 वर्षीय आरती सोनकर के शरीर में फेफड़े को जाती जन्मजात खुली एक नली को ऑपरेशन कर बंद किया गया। नली के खुला रहने से उसके फेफड़ों में लगातार समस्या बनी हुई थी।

 

सीवीटीएस विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. एसके सिंह ने बताया कि मरीज को सांस लेने में दिक्कत होती थी। फेफड़ों व हृदय में संक्रमण के कारण उसके फेफड़ों में ब्लड पहुंच जाता था और उसकी सांस फूलने लगती थी इस समस्या को चिकित्सीय भाषा में पेटेन्ट डक्टस आरटेरियोसिस लाइगेशन कहा जाता है। आरती को भी इसी प्रकार की समस्या थी जिसके लिए उसे बार-बार अस्पताल में भर्ती करना पड़ता था। गरीब होने के कारण वह ऑपरेशन नहीं करा पा रही थी। आरती के परिजनों ने प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना का लाभ लिया और उसके तहत गुरुवार को केजीएमयू में उसका ऑपरेशन किया गया। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में मरीज को कोई शुल्क नहीं देना पड़ा। ऑपरेशन के बाद आरती सोनकर फिलहाल आईसीयू में हैं और पूर्णतया स्वस्थ है।

 

उन्होंने कहा कि मां के गर्भ में बच्चे में एक नली होती है, जो कि प्रसव के बाद बंद हो जाती है लेकिन किसी-किसी बच्चे में यह नली बंद नहीं हो पाती है उनमें यह रोग होता है। आरती के ऑपरेशन के दौरान नली को बंद कर दिया गया। सर्जरी करने वालों में प्रो. सिंह के साथ डॉ. विजयन्त देवेनराज, डॉ. सर्वेश कुमार एवं एनेस्थिसिया विभाग के प्रो. दिनेश कौशल ने आरती की सर्जरी की। ऑपरेशन के बाद चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने भी केजीएमयू चिकित्सकों की तारीफ की। इस अवसर पर चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने भी सीवीटीएस विभाग के विभागाध्यक्ष व उनकी टीम को बधाई दी।