सौ फीसदी अवरुद्ध कोरोनरी वाहिका से ग्रस्‍त दिल के चार रोगियों की एंजियोप्‍लास्‍टी  

अजंता हॉस्पिटल की कैथ लैब में अत्‍याधुनिक विधि से हुआ इलाज

लखनऊ। यहां आलमबाग स्थित अजंता हॉस्पिटल एंड आईवीएफ सेंटर के हार्ट केयर एंड कैथ लैब में सोमवार को सीटीओ chronic total occlusions से ग्रस्‍त चार हृदय रोगियों की आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए एंजियोप्‍लास्‍टी की गयी, जिन्‍हें बाईपास कराने की सलाह दी गयी थी, अस्‍पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ अभिषेक शुक्‍ला और उनकी टीम द्वारा एक दिन में की गयीं इन चारों एंजियोप्‍लास्‍टी वाले रोगी लम्‍बे समय से सीने में दर्द और सांस फूलने की शिकायत से परेशान थे। इन चारों रोगियों की कोरोनरी वाहिका 100 प्रतिशत अवरुद्ध थी।

डॉ अभिषेक शुक्‍ला ने बताया कि जिन चार लोगों की एंजियोप्‍लास्‍टी की गयी उनमें 70 वर्षीय एक पुरुष व 70 वर्षीय एक महिला तथा एक पुरुष 65 वर्ष और एक महिला 55 वर्ष शामिल है।  डॉ अभिषेक ने बताया कि इन सभी की कोरोनरी वेसल तीन माह से ज्‍यादा समय से पूरी तरह 100 प्रतिशत अवरुद्ध थीं।

उन्‍होंने बताया कि आम तौर पर इस तरह की एंजियोप्‍लास्‍टी अपेक्‍स संस्‍थानों जैसे कि एसजीपीजीआई, एम्‍स जैसे हॉस्पिटल में ही की जाती हैं। इसके लिए मरीजों को लम्‍बा इंतजार करना पड़ता है। उन्‍होंने बताया कि लम्‍बे इंतजार के कारण अनेक बार मरीजों की मौत तक हो जाती है और उनका उपचार का उनका इंतजार खत्‍म नहीं हो पाता है।

उन्‍होंने बताया कि हमारे यहां अजंता हार्ट केयर एंड कैथ लैब में अत्‍या‍धुनिक सुविधाएं होने के कारण ही एंजियोप्लास्टी की उन्नत तकनीक का उपयोग करते हुए इन एंजियोप्‍लास्‍टी को सफलतापूर्वक किया गया। उन्‍होंने बताया कि अत्‍याधुनिक तकनीक के साथ इलाज की सुविधा किफायती दरों पर रखने का उद्देश्‍य क्‍वालिटी वाली सुविधा का लाभ ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों तक पहुंचाना है। डॉ अभिषेक शुक्ला के मार्गदर्शन में अजंता हार्ट केयर दिल की देखभाल की सभी कार्डियक प्रक्रिया एंजियोप्लास्टी, पेसमेकर, बैलून माइट्रल वॉल्वोटॉमी कर रही है।