इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी चुनने पर आभार जताया

सिद्धार्थ नाथ सिंह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर केन्द्र सरकार द्वारा इलाहाबाद शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में चुने जाने के लिए आभार ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद शहर जो धार्मिक तथा ऐतिहासिक दृृष्टि से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। अब वहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, 24 घण्टे पेयजल एवं बिजली की आपूर्ति, कूड़ा-कचरा प्रबंधन, सुव्यस्थित यातायात, पर्यावरण के अनुकूल माहौल, बेहतर सुरक्षा, आवास तथा अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं से लैस होगा और लोग बदलाव महसूस करेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू के प्रति भी कृतज्ञता जाहिर की है।

इलाहाबाद के साथ ही झांसी व अलीगढ़ को भी चुना  गया

श्री सिंह ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत इलाहाबाद के अलावा झांसी तथा अलीगढ़ को भी चुना गया है। स्मार्ट सिटी मिशन भारत सरकार द्वारा संचालित केन्द्र पुरोनिधानित योजना है, इसके अन्तर्गत नागरिकों की आकांक्षाओं, आवश्यकताओं एवं परिस्थितियों के अनुरूप शहर को आदर्श रूप में विकसित करना है। इसका उद्देश्य उन प्रमुख शहरों को प्रोत्साहित करना है, जो अपने नागरिकों को गुणवत्ता परक जीवन स्तर के साथ स्वच्छ और सुस्थिर वातारण प्रदान करते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की मौजूदा जनसंख्या की लगभग 31 प्रतिशत आबादी शहरों में रहती है। इसका सकल घरेलू उत्पाद में 63 प्रतिशत योगदान है। आशा है कि वर्ष 2030 तक भारत की आबादी का 40 प्रतिशत हिस्सा शहरों में रहेगा और सकल घरेलू उत्पाद में इसका योगदान 75 प्रतिशत होगा। इसके लिए भौतिक, संस्थागत, सामाजिक तथा आर्थिक बुनियादी ढांचे के व्यापक विकास की आवश्यकता है। यह सभी जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने एवं निवेश को आकर्षित करने तथा प्रगति के चक्र को बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। स्मार्ट सिटी का विकास इसी दिशा में एक मजबूत पहल है।
श्री सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार के लगभग तीन माह पूरे हो रहे हैं। इस अवधि के दौरान राज्य सरकार ने शहरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास तथा लोगों के जीवन स्तर में बदलाव के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। विद्युत आपूर्ति में व्यापक सुधार, सडक़ों को गड्ढा मुक्त करने का प्रयास के अलावा शिक्षा, रोजगार सृजन तथा भ्रष्टाचार उन्मूलन के क्षेत्र में काफी सफलता मिली है। कानून व्यवस्था तथा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया गया है। साथ ही महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया गया है और अपराधियों तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने स्मार्ट सिटी के चयन के लिए आवश्यक मानकों का पालन नहीं किया। जिसकी वजह से उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के कई शहरों को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल नहीं किया जा सका। उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार ने अल्प समय में ही केन्द्र के समक्ष अपनी बात को पूरी जिम्मेदारी और क्षमता के साथ रखते हुए इलाहाबाद, अलीगढ़ और झांसी को स्मार्ट सिटी का दर्जा दिलाने में सफल रही है।