कुलपति ने की तारीफ तो जोश हुआ हाई, बोले-कोरोना को हरा कर ही दम लेंगे

-ट्रूनेट मशीन से हुई जांचों में 10.5 फीसदी मरीज मिले कोरोना पॉजिटिव

-इमरजेंसी कोरोना लैब में हो रही चौबीसों घंटे जांच : डॉ शीतल वर्मा

डॉ शीतल वर्मा

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में 24 घंटे चल रही कोविड लेबोरेटरी ट्रूनेट लैब में हो रहे कार्यों की कुलपति लेफ्टिनेंट डॉ बिपिन पुरी ने सराहना की है। उन्‍होंने इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की कोविड जांच के लिए किए जा रहे 24 घंटे कार्यों के लिए यहां काम करने वाली टीम को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी है।

इस बारे में इमरजेंसी कोविड ट्रूनेट लैब की इंचार्ज डॉ शीतल वर्मा ने बताया कि इस कोरोना काल में मरीजों के हित में इस लैब को 1 हफ्ते के अंदर स्थापित किया गया था, उन्होंने बताया अभी तक 6816 मरीजों की जांच हो चुकी है, इनमें 10.5 प्रतिशत मरीज कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि लैब में दो ट्रूनेट मशीनों से जांच करते हुए 24 घंटे सेवाएं दी रही हैं। उन्होंने बताया कि गंभीर हालत वाले मरीजों और ट्रॉमा सेंटर सहित विभिन्न विभागों के होल्डिंग एरिया, ट्रायज,  लारी कार्डियोलॉजी और क्वीन मैरी में आने वाले मरीजों की कोविड जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने बताया कि त्वरित रिपोर्टिंग से मरीजों को सही स्थान पर भर्ती करने में बहुत सहायता मिल रही है और हम अनेक जिंदगियों को बचा पा रहे हैं। उन्होंने लैब के संचालन में मार्गदर्शन और सहयोग करने के लिए माइक्रोबायोलॉजी की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अमिता जैन तथा प्रोफेसर विमला वेंकटेश का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि लैब के सफल संचालन में यहां काम करने वाले टेक्नीशियन की बहुत अहम भूमिका है। उन्होंने टेक्‍नीशियंस सहित सभी चिकित्‍सा कर्मि‍यों द्वारा मनोयोग से किए जा रहे कार्यों के लिए उनकी सराहना की।

स्तुति श्रीवास्तव

यहां काम करने वाली लैब टेक्नीशियन स्तुति श्रीवास्तव का कहना है कि यह कोविड लैब में बहुत अच्‍छे उपकरण उपलब्‍ध हैं, उन्होंने बताया कि हम लोग पूरी गुणवत्ता और सावधानी के साथ सभी बचाव के उपाय अपनाते हुए कार्य करते हैं। इस प्रयोगशाला की मदद से मानवता में अपना योगदान दे पा रही हूं, इसके लिए मुझे गर्व है।

प्रियम श्रीवास्तव

इसी प्रकार एक अन्य लैब टेक्नीशियन प्रियम श्रीवास्तव कहती हैं कि हर व्यक्ति अपना एक कंफर्ट जोन बनाता है जिसमें वह आराम से अपना काम करता रहता है ऐसे व्यक्तियों को अगर कोई नया काम दिया जाए तो वे घबरा जाते हैं और करने से मना कर देते हैं इसलिए हमेशा चुनौतियों को स्वीकार करना सीखना एवं आगे बढ़ना मुझे अच्छा लगता है। वह कहती हैं कि जैसे ही आप कुछ नया करना शुरू करेंगे आपके अंदर आत्मविश्वास दिखने लगेगा।

विनय शुक्ला

एक अन्य लैब टेक्नीशियन विनय शुक्ला का कहना है कि कोविड-19 इमरजेंसी माइक्रोबायोलॉजी लैब में लोगों के लिए काम करने पर मुझे गर्व है, उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई कोरोना को हराने और भारत को बचाने के लिए है।

विवेक रंजन पटेल

लैब टेक्नीशियन विवेक रंजन पटेल कहते हैं कोविड-19 महामारी में मैं यहां लैब में कार्य कर रहा हूं, उनका कहना है कि कोरोना के समय में लोग डरे हुए हैं परंतु मेरा मानना है कि यह मानवता का कार्य है और मैं इसे पूरे दिल से कर रहा हूं। उन्होंने कहा कोरोना महामारी के काल में काम करना वाकई मुझे बहुत सुखद एहसास करा रहा है।

विजय शुक्ला

विजय शुक्ला कहते हैं कि इमरजेंसी कोविड लैब के प्रबंधन कार्य को करते समय मैं अपने आपको गौरवान्वित महसूस करता हूं कि मैं इस काल में इस लैब से जुड़ा हुआ हूं। उन्होंने कहा कि मैं 24 X 7 कार्य करने के लिए उपलब्ध हूं मुझे लोगों की सेवा करने में बहुत अच्छा लगता है। अभय श्रीवास्तव कहते हैं कि मैं मुझे लोगों की सेवा करने का मौका मिला इस पर मुझे गर्व है।

अभय श्रीवास्तव

अंकेश कुमार का कहना है कि मैं खुद पर गर्व करते हुए कहता हूं कि इस कोरोना जैसी महामारी में देश की सेवा कर रहा हूं, मैं इसी तरह दिन-रात अपने कार्य पर अटल रहूंगा और मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम जल्द ही इस महामारी पर विजय पा लेंगे।

अंकेश कुमार

शुभम श्रीवास्तव का कहना है कि इस कोविड-19 माइक्रोबायोलॉजी लैब  में कार्यरत होते हुए मैं खुद को गौरवान्वित महसूस करता हूं कि इस वैश्विक महामारी ने अपने देशवासियों की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ,  मुझे पूरा भरोसा है कि हम सब जल्दी ही साथ मिलकर इस कोरोना से जंग जीत लेंगे।

शुभम श्रीवास्तव

अमृत यादव कहते हैं कि मुझे खुद पर गर्व है कि मुझे कोरोना जैसी महामारी में देश की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ, अतः मैं तब तक अपने कार्य पर कार्यरत रहूंगा जब तक इस महामारी से जंग नहीं जीत जाता।

अमृत यादव , शिवम कश्यप , आशीष वाल्‍मीकि

शिवम कश्यप कहते हैं की मुझे इस बात पर बहुत गर्व है कि मुझे लोगों की सेवा करने का मौका मिला, वो कहते हैं कि मैं सोचता हूं कि मेरा प्रत्येक छोटा प्रयास समाज के लिए सहायक सिद्ध हो। आशीष वाल्‍मीकि कहते हैं मुझे अच्छा लगता है जब आप अपने लिए नहीं दूसरों के लिए कुछ अच्छा करते हैं, और यह कार्य करके मुझे गर्व है।