एग्जिट पोल के नतीजों के अनुसार, फि‍र एक बार मोदी सरकार

विपक्षी नेताओं ने खारिज किये एग्जिट पोल के नतीजे

लखनऊ। आम चुनाव 2019 के आखिरी चरण में रविवार को वोटिंग पड़ने के बाद टीवी चैनलों पर एग्जिट पोल की जो तस्‍वीर उभरी है उसमें एक बार फि‍र से भाजपा नीत राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सत्‍ता में वापस आता दिख रहा है। यानी एक बार फि‍र मोदी मैजिक चलता दिख रहा है। 11 अप्रैल से 19 मई के बीच 7 लाख 42 हजार 187 मतदाताओं से उनकी राय के आधार पर ये सबसे बड़ा एग्जिट पोल किया गया है. 2014 के लोक सभा चुनाव में मोदी लहर का अनुमान एग्जिट पोल्स में दिखा था. ज्यादातर एग्जिट पोल्स में भाजपा नीत एनडीए की जीत को सुनिश्चत करार दिया गया था।

 

वर्ष 2014 में हुए आम चुनाव के नतीजों की तर्ज पर मध्य प्रदेश, राजस्थान, गोवा, गुजरात, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में भाजपा को भारी सीटें मिलने की उम्मीद है। इनमें भी बिहार का एग्जिट पोल सबसे ज्यादा हैरान करने वाला है। बिहार में एनडीए को 38 से 40 सीटें मिल सकती हैं। उधर दिल्ली की सातों सीट बीजेपी के खाते में जा सकती हैं। यहां से अरविंद केजरीवाल की पार्टी आप का खाता भी नहीं खुलता दिख रहा है। यही नहीं ममता बनर्जी के गढ़ में भी भाजपा ने अच्‍छी-खासी सेंधमारी करके ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को बराबर की टक्‍कर देते दिखाया गया है। आजतक के एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में पश्चिम बंगाल की 42 सीटों में भाजपा को 19 से 23 सीटें, तृणमूल को 19 से 22 सीटें तथा कांग्रेस को अगर मिली तो मात्र एक सीट मिल सकती है। खास बात यह है कि कभी लेफ्ट का गढ़ रहे इस राज्‍य में इस बार लेफ्ट का खाता भी खुलता नहीं दिख रहा है।

 

पीएम मोदी के गृहराज्य गुजरात में 25 से 26 सीटें मिलती दिख रही हैं. यहां कांग्रेस को सिर्फ 1 सीट आने का अनुमान है।

असम में 14 सीटों में से एनडीए को 12 से 14 सीटें, कांग्रेस को 2 सीटें मिल सकती हैं। यहां AIUDF का खाता भी खुलता नहीं दिख रहा ।

 

ओडिशा में भी जबरदस्त उलटफेर हुआ है। यहां लम्‍बे समय से सत्ता पर काबिज बीजेडी को भारी नुकसान हुआ है। एग्जिट पोल के मुताबिक ओडिशा में कुल 21 सीटों में से बीजेपी को 15 से 19, कांग्रेस को एक और बीजेडी को 2 से 6 सीटें मिल सकती हैं।

 

उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में से NDA को 62 से 68 सीटें मिलती दिख रही हैं। वहीं यूपीए को सिर्फ 1 से 2 सीटें मिलती दिख रही हैं। अखिलेश, मायावती और अजित सिंह के महागठबंधन को 10 से 16 सीटें मिलती दिख रही हैं ।

 

जम्मू-कश्मीर की बात करें तो यहां इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक 6 में से 2 से 3 सीटें बीजेपी के पास जाती दिख रही हैं। कांग्रेस यहां सिर्फ एक सीट पाती दिख रही है। नेशनल कॉन्फ्रेंस को भी 2 से 3 सीटें मिल सकती हैं। खास बात यह है कि यहां महबूबा मुफ्ती की पीडीपी का खाता तक खुलता नहीं दिख रहा।

 

उत्तराखंड की बात करें तो यहां इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक 5 की पांचों सीटें बीजेपी के पास जाती दिख रही हैं. यहां कांग्रेस को एक भी सीट मिलती नहीं दिख रही

हरियाणा की 10 सीटों में से बीजेपी को सर्वाधिक 8 से 10 सीट तक मिल सकती है. वहीं कांग्रेस यहां 2 सीटें जीत सकती है. INLD का इस बार यहां खाता भी नहीं खुलता दिख रहा

पंजाब की 13 में से 3 से 5 सीटें एनडीए के पास तो कांग्रेस को 8 से 9 सीटें मिलती दिख रही हैं. यहां आम आदमी पार्टी को सिर्फ 1 सीट मिल सकती है.

 

तमिलनाडु की 39 में से 38 सीटों पर एग्जिट पोल किया गया है. इसमें यूपीए को भारी बढ़त मिलती दिख रही है. यहां यूपीए को 34 से 38 सीटें तो एनडीए को महज 4 सीटें मिलती दिख रही हैं.

 

तेलंगाना की 17 सीटों की बात करें तो यहां पर बीजेपी को 1 से 3 सीटें, कांग्रेस को भी 1 से 3 सीटें टीआरएस को सर्वाधिक 10 से 12 सीटें मिलती दिख रही हैं. असदुद्दीन ओवैसी का पार्टी एआईएमआईएम को महज एक सीट मिलती दिख रही है.

 

कर्नाटक की बात करें तो यहां की 28 सीटों में से बीजेपी को 21 से 25 सीटें, यूपीए को 3 से 6 सीटें और अन्य के खाते में 1 सीट जाती दिख रही है.

आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी की पार्टी वाईआरएस को सबसे अदिक 18 से 20 सीटें मिलती दिख रही हैं. वहीं दूसरे नंबर पर 4 से 6 सीटें ही मिलती दिख रही हैं. जेएसपी को एक सीट मिलती दिख रही है. यहां बीजेपी और कांग्रेस का खाता भी नहीं खुलता दिख रहा है।

केरल की 20 सीटों में एनडीए को 1 तो यूडीएफ को 15 से 16 सीटें मिलती दिख रही हैं. वहीं एलडीएफ को 3 से 5 सीटें मिलती दिख रही हैं।

गोवा की बात करें तो यहां भी दोनों सीटें बीजेपी को जाती दिख रही हैं. यहां भी बीजेपी 2014 जैसा प्रदर्शन करती दिख रही है.

महाराष्ट्र में 48 सीटों में से NDA को 38 से 42 सीटें, UPA को 6 से 10 सीटें मिलती दिख रही हैं।

राजस्थान की बात करें तो यहां की 25 सीटों में से 23 से 25, वहीं कांग्रेस के पास 0 से 2 सीटें जाती दिख रही हैं।

छत्तीसगढ़ की 11 सीटों में बीजेपी को 7 से 8 सीटें, कांग्रेस को 3 से 4 सीटें मिलती दिख रही हैं. वहीं बीएसपी का यहां खाता भी खुलता नहीं दिख रहा है। एग्जिट पोल में सबसे पहले बात करते हैं मध्य प्रदेश की। यहां की 29 सीटों में से बीजेपी को 26 से 28 और कांग्रेस को 1 से 3 सीटें ही जाती हुई दिख रही हैं।

 

एग्जिट पोल के प्रसारण के बाद से ही विपक्षी दलों में प्रतिक्रिया शुरू हो गयी है, पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल को नकार दिया है और कहा है कि वे इस पर विश्वास नहीं करती हैं। ममता ने समूचे विपक्ष से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि वे इस लड़ाई को एक साथ मिलकर लड़ेंगे।

 

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा कि 2004 में भी एग्जिट पोल देखा गया था। सभी कांग्रेस की हार दिखा रहे थे, लेकिन परिणाम कुछ और आया। कमलनाथ ने 23 मई का इंतजार करने की बात करते हुए कहा कि तब तक सारी हकीकत सामने आ जाएगी।