तैयार हो रही ऐसी किट जो बता देगी कि होने वाला है कैंसर

तृतीय अंतर्राष्ट्रीय ओरल कैंसर एवं प्री कैंसर संगोष्‍ठी का समापन

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्व विद्यालय के दंत संकाय के ओरल सर्जरी विभाग, ओरल मेडिसिन विभाग एवं ओरल पैथोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में तृतीय अंतर्राष्ट्रीय ओरल कैंसर एवं प्री कैंसरः Biomakers & Technologies in treatment  विषय पर आयोजित संगोष्ठी के तीसरे एवं अंतिम दिन नायर डेंटल कॉलेज, मुम्बई के डॉ राजीव देसाई, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस के डॉ निलेश पर्धे, भारतीय विश्व विज्ञान अनुसंधान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ देवेंद्र परमार सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों ने ओरल प्री-कैंसर एवं कैंसर के शोधों पर व्याख्यान दिए।

 

इस अवसर पर डॉ देवेंद्र परमार ने अपने शोध साइडोक्रोम पी-450 पर विवरण देते हुए बताया कि वह ओरल कैंसर एवं प्री-कैंसर के होने से पहले वाली अवस्‍था की पहचान के लिए किट के निर्माण की ओर अग्रसर हैं। इस शोध के लिए डॉ परमार ने केजीएमयू ओरल मैक्सिलो फेशियल विभाग की प्रोफेसर दिव्या मेहरोत्रा व रिसर्च साइंटिस्ट, डीएचआर एमआरयू लैब, केजीएमयू के डॉ राहुल पाण्डेय का आभार व्यक्त किया और बताया कि उक्त शोध के दो पत्र इस शोध पर सम्मानित अन्तर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। इससे ओरल कैंसर एवं प्री-कैंसर के उपचार में भी नवाचार होगा।

छात्रों और डॉक्‍टरों को उद्यमी बनाने में मददगार जानकारियां भी दी गयीं

 

इस अवसर पर चिकित्सा विश्वविद्यालय के ब्राउन हॉल में पहली इनोवेशन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का उद्देश्य मेडिकल कॉलेज के छात्रों एवं डॉक्टरों को उद्यमिता के प्रति जागरूक करना है। इस संगोष्ठी में भारतीय विश्व विज्ञान अनुसंधान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ पार्धासार्थी ने बताया कि उनके संस्थान में Bio-incubator की स्थापना की गई है, जिसका उपयोग नए उद्यमी, चिकित्सा छात्र-छात्राएं एवं संकाय सदस्य कर सकते हैं, उन्हें कंपनी बनाने में सहायता प्रदान की जाएगी।

 

इस अवसर पर आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र एवं वर्तमान में Letsventure  कंपनी के डॉ विवेक गोड ने बताया कि किसी भी नए विचार जिसमें फंडिंग करने की आवश्यकता है उसमें इनकी कंपनी द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी।

 

इस अवसर पर अधिवक्ता अपूर्व तिवारी ने प्रतिभागियों को Patent Trade Mark और कंपनी कॉपीराइट्स के बारे में सूक्ष्म बारीकियां समझाईं। इसके साथ ही आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र रवीश रतलाम ने स्वास्थ्य क्षेत्र में किस प्रकार की कंपनियों का निर्माण किया जाए उस पर जानकारी दी।

 

उक्त कार्यक्रम का समापन समारोह युवा प्रतिभागियों द्वारा दिए गए व्याख्यानों पर समाप्त हुआ। इस अवसर पर नौ चिकित्सकों को महत्वपूर्ण शोध के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की संयोजिका प्रो0 दिव्या मेहरोत्रा ने चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय ओरल कैंसर एवं प्री कैंसर कांग्रेस का आयोजन 2021 में कराने की उद्घोषणा की।