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चिकित्सक और मरीज के बीच सेतु का काम करते हैं फार्मासिस्ट

-बलरामपुर अस्पताल में धूमधाम से मनाया गया विश्व फार्मेसी दिवस

सेहत टाइम्स 

लखनऊ। बलरामपुर चिकित्सालय, लखनऊ में 25 सितंबर को ‘विश्व फार्मेसी दिवस’ (World Pharmacist Day) का भव्य आयोजन अत्यंत उत्साह, गरिमा एवं धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर अस्पताल के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों एवं चिकित्सकों ने उपस्थित रहकर फार्मासिस्ट संवर्ग का उत्साहवर्धन किया और उनकी उत्कृष्ट सेवाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

 

मुख्य फार्मासिस्ट – बलरामपुर चिकित्सालय, लखनऊ राजीव कुमार ने बताया कि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक डॉ. बी.के.एस. चौहान ने कहा, “फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की वह मजबूत नींव हैं, जो चिकित्सक और मरीज के बीच सेतु का कार्य करते हैं। बलरामपुर अस्पताल जैसे राज्य के विशालतम चिकित्सालय में रोजाना आने वाले हजारों मरीजों तक सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण दवाएं और सही खुराक की जानकारी पहुंचाना अत्यंत जिम्मेदारी का काम है, जिसे हमारे सभी फार्मासिस्ट साथी पूरी निष्ठा व तत्परता से निभा रहे हैं।”

 

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने शुभकामनाएं देते हुए कहा, “चिकित्सा के क्षेत्र में दवाओं का सही और सुरक्षित उपयोग बेहद संवेदनशील पहलू है। मरीजों के त्वरित स्वास्थ्य लाभ में हमारे फार्मासिस्टों का समर्पण और कुशल कार्यशैली अत्यंत सराहनीय है। संकट और आपदा के समय भी फार्मासिस्टों ने सदैव अग्रिम पंक्ति में रहकर सेवा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है।”

 

अधीक्षक डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव ने कहा, “अस्पताल की दैनिक स्वास्थ्य सेवाओं के निर्बाध संचालन में फार्मासिस्ट संवर्ग का योगदान अतुलनीय है। मरीजों की देखरेख और सटीक दवा प्रबंधन में उनका निरंतर सहयोग ही अस्पताल की सफलता का मुख्य आधार है।”

 

कार्यक्रम में मुख्य रूप से जे.के. सचान (प्रभारी अधिकारी फार्मेसी एवं प्रदेश अध्यक्ष DPRA), प्रद्युम्न सिंह (महामंत्री DPRA), मनमोहन मिश्रा (चीफ फार्मासिस्ट) सी.पी. चौधरी (चीफ फार्मासिस्ट) सुभाष श्रीवास्तव (चीफ फार्मासिस्ट), श्रवण सचान (फर्मासिस्ट), के.के. सिंह (फर्मासिस्ट), प्रभाकर त्रिपाठी (फर्मासिस्ट), एस.एम. त्रिपाठी (चीफ फार्मासिस्ट), ज्ञानेंद्र सिंह, डी.एस. त्यागी (चीफ फार्मासिस्ट), अनिल श्रीवास्तव सहित अन्य लोग भी शामिल रहे।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं फार्मासिस्टों ने एकजुट होकर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सुदृढ़ एवं मरीज-अनुकूल बनाने का संकल्प दोहराया।